संग्रहालय हमारी राष्ट्र धरोहर :डॉ.श्रीनिवास

( 768 बार पढ़ी गयी)
Published on : 18 May, 26 07:05

अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर विशेष 

संग्रहालय हमारी राष्ट्र धरोहर :डॉ.श्रीनिवास

उदयपुर | मेवाड़ के इतिहास में आज भी संग्रहालयों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है | यहाँ की आहड सभ्यता जो  की लगभग 4000 वर्ष पुरानी है अपने आप में विश्व पटल पर एक पहचान रखती है एवं हमारी राष्ट्र धरोहर है उक्त विचार जनमत के संस्थापक अध्यक्ष  डॉ.श्रीनिवास ने अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर कहे | डॉ महावर ने कहा की  18 मई,1983  को संयुक्त राष्ट्र ने संग्रहालय की विशेषता एवं महत्त्व को समझते हुए अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाने का निर्णय लिया था जिसका मूल उद्देश्य जनसामान्य में संग्रहालयों के प्रति जागरूकता तथा उनके कार्यकलापों के बारे में जन जागृति फैलाना था एवं इसका यह भी एक उद्देश्य था कि लोग अपने इतिहास एवं अपनी प्राचीन समृद्ध परंपराओ को जाने और समझे और संरक्षण करे ।

भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण  विभाग द्वारा इस दिन अनेक कार्यक्रम आयोजित किया जाते है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता, छात्रों एवं शोधार्थियों को विभिन्न संग्रहालयों में उपलब्ध समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जानकारी देना है। 

मंच के सचिव शिरीष नाथ माथुर ने बताया कि संग्रहालयों के माद्यम से प्राचीन इतिहास से लेकर वर्त्तमान इतिहास का लेखन  किताबें, पाण्डुलिपियाँ, रत्न, चित्र, शिलाचित्र,पट्टे परवाने,ताम्र पत्र,पाषाण कल धातु से बने औजार वाम अन्य पूरा सामग्री द्वारा किय जा सकता है |  हर देश की संस्कृति को समझने में कई वस्तुएं विशेष योगदान निभाती हैं, जिन्हें संग्रहालयों में सुरक्षित रखा जाता है। माथुर ने ये भी कहा की वर्त्तमान समय  के अनुसार संग्रहालयों का सरक्षण एवं विकास अत्यंत ही आवश्यक है |

संग्रहालय सांस्कृतिक विरासत के भंडार के रूप में कार्य करते हैं, जिनमें ऐसी कलाकृतियाँ और रचनाएँ संग्रहित होती हैं जो किसी समाज के इतिहास और परंपराओं को दर्शाती हैं।

इस अवसर पर डॉ.कुणाल आमेटा, विनोद कुमार चौधरी, विशाल माथुर एवं डॉ. प्रियदर्शी ओझा  आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि संग्रहालय एक संस्थान है जो कलात्मक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक , वैज्ञानिक महत्व की कृतियों और वस्तुओं के संग्रह की देखभाल और प्रदर्शन करता है। सार्वजनिक संग्रहालय इन वस्तुओं को प्रदर्शन के माध्यम से जनता के देखने के लिए उपलब्ध कराते हैं।

साथ ही संग्रहालय हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.