श्रीगंगानगर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा निर्देशित (ट्रांसफोरमेटिव ट्यूज्डे) के तहत राजस्थान के युवाओं को सशक्त बनाना एक कानूनी साक्षरता पहल 2026 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) द्वारा मंगलवार को साइबर अपराध पर जागरूकता हेतु आकाश इंस्टीट्यूट में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान एडीजे श्री रवि प्रकाश सुथार ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि आज के दौर में मोबाईल फोन, इंटरनेट, सोशल मीडिया का चलन बहुत बढ़ चुका है। मोबाईल फोन, इंटरनेट, सोशल मीडिया या किसी भी ऑनलाईन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी को परेशान करना, अपमानित करना, धमकाना या मानसिक रूप से चोट पहुँचाना साइबर दुर्व्यवहार की श्रेणी में आता है। सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग पर जागरूक किया गया। कई बार हम अनजाने मंे अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं, जिससे डेटा चोरी, पहचान की चोरी और धोखाधड़ी का खतरा बना रहता है।
शिविर के दौरान एडीजे ने बताया कि साइबर दुर्व्यवहार होने की स्थिति में बच्चों को समझदारी से बिना डर के काम करना चाहिए। किसी से बहस नहीं करनी चाहिए। बच्चों को तुरंत स्क्रीनशॉट लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में बच्चों को तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को बताना चाहिए। यदि मामला गंभीर हो तो साइबर पुलिस या संबंधित विभाग के पास शिकायत करनी चाहिए। इस दौरान साइबर अपराध होेने की स्थिति में बच्चों को हेल्पलाईन नं. 1930 की भी जानकारी दी गई। शिविर के दौरान इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर एवं नालसा द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
शिविर के दौरान इंस्टीट्यूट के ब्रंाच मैनेजर श्री रविश जैन व श्री यशु, चीफ एल.ए.डी.सी. रोहताश यादव व डिफेंस काउंसिल अमन चलान उपस्थित रहे।