बिहार के लोकप्रिय एवं कर्मठ स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर जिस प्रकार की भ्रामक, अशोभनीय और स्तरहीन टिप्पणियां की जा रही हैं, वह विपक्ष की राजनीतिक हताशा और मानसिक दिवालियापन का प्रमाण है। कुछ अराजक और जंगलराज की मानसिकता वाले राजनीतिक तत्व निशांत कुमार जी की बढ़ती लोकप्रियता, सादगीपूर्ण जीवनशैली और जनहितकारी कार्यों से भयभीत होकर अनर्गल प्रचार कर रहे हैं।
जदयू दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि निशांत कुमार जी की सादगी, ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। एक जनप्रतिनिधि का साधारण पहनावा, सामान्य चप्पल पहनना और जमीन से जुड़े रहना यदि विपक्ष को खटक रहा है, तो यह उनकी सोच और संस्कारों का परिचायक है। बिहार की जनता दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि काम करने वालों को पहचानती है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लिए जा रहे कई महत्वपूर्ण निर्णयों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आम जनता के भीतर संतोष और विश्वास की भावना मजबूत हुई है। यही कारण है कि बिहार की जनता का भरोसा लगातार निशांत कुमार जी के प्रति बढ़ रहा है और विपक्ष इसी जनसमर्थन से घबराया हुआ है।
प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज नैतिकता का ढोंग कर रहे हैं, वही लोग जंगलराज, भ्रष्टाचार, अपराध और सामाजिक अराजकता के प्रतीक रहे हैं। कम से कम निशांत कुमार जी पर न तो भ्रष्टाचार का कोई आरोप है, न किसी प्रकार के अनैतिक आचरण का दाग। उनके खिलाफ व्यक्तिगत और परिवारिक स्तर पर की जा रही टिप्पणियां न केवल निंदनीय हैं बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार की जागरूक जनता सोशल मीडिया के झूठ और भ्रम के जाल में फंसने वाली नहीं है। जनता जानती है कि कौन विकास की राजनीति करता है और कौन केवल अफवाह, नफरत और भ्रम फैलाने का काम करता है। कम से कम निशांत जी पर किसी अन्य धर्मों की लड़की से शादी व किस भी कुवारी लड़कियों को बहकाने व फुसलाने का आरोप तो नही हैं और न ही भ्रष्टाचार के किसी मामले में इनका कोई संलिप्तता है। ये व्यक्तिगत टिप्पणियां कमसेकम राजनैतिक विषय तो नही ही होना चाहिए। निशांत बिहार के भविष्य हैं। निशांत नही ये आंधी हैं आने वाला गांधी है।
प्रदेश महासचिव सर्वेश कश्यप ने उक्त बातों का समर्थन करते हुए आगे कहा कि निशांत कुमार जी बिहार के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक हैं। उनकी कार्यशैली, सरलता और जनसेवा का संकल्प आने वाले समय में बिहार को नई दिशा देगा। विपक्ष यह समझ ले कि अब बिहार की जनता जंगलराज की राजनीति को हमेशा के लिए नकार चुकी है।