विद्यापीठ में कर्पूर चन्द्र कुलिश शोध संस्थान की स्थापना

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Published on : 21 May, 26 12:05

पत्रकारिता समाज की आवाज और लोकतंत्र का धर्म : डॉ. गुलाब कोठारी

विद्यापीठ में कर्पूर चन्द्र कुलिश शोध संस्थान की स्थापना

 

उदयपुर,  वर्तमान समय में यदि पत्रकारिता सत्ता के साथ खड़ी दिखाई देने लगे तो समाज की पीड़ा, संघर्ष और वास्तविक समस्याएं सरकार तक प्रभावी रूप से कैसे पहुंच पाएंगी, यह गंभीर चिंतन का विषय है। पत्रकारिता का मूल उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज और शासन के बीच सशक्त सेतु बनना है।

यह विचार राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक Dr. Gulab Kothari ने गुरुवार को राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के प्रतापनगर स्थित प्रशासनिक भवन में स्थापित कर्पूर चन्द्र कुलिश शोध संस्थान के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।

समारोह से पूर्व विश्वविद्यालय के संस्थापक जनार्दनराय नागर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। डॉ. कोठारी ने कहा कि पत्रकारिता किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं, बल्कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना से जुड़ा सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि पाठक और समाज का विश्वास ही पत्रकार की सबसे बड़ी पूंजी होता है तथा पत्रकारिता को जनहित, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा ने मनुष्य को बुद्धि से तो जोड़ा है, लेकिन संवेदनाओं से दूरी बढ़ने के कारण जीवन-मूल्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में पत्रकारिता और पत्रिकाओं को अधिक संवेदनशील बनना होगा ताकि समाज में मानवीय मूल्यों और जागरूकता का संतुलन बना रहे।

पत्रकारिता विचार और जनसेवा का माध्यम : कुलपति सारंगदेवोत

विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि शोध संस्थान में कर्पूर चन्द्र कुलिश के साहित्य, पत्रकारिता, विचारधारा और जीवन यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों, पुस्तकों और संस्मरणों का संग्रह किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भारतीय पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि विचार, संकल्प, दर्शन और समाज की चेतना की सशक्त अभिव्यक्ति है। निर्भीक पत्रकार ही लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करता है।

वैचारिक विकास का केंद्र बनेगा शोध संस्थान : भंवरलाल गुर्जर

कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर ने कहा कि यह शोध संस्थान भावी पीढ़ियों के वैचारिक विकास का केंद्र बनेगा। उन्होंने कर्पूर चन्द्र कुलिश के जीवन को संघर्ष, संकल्प और निर्भीक पत्रकारिता का प्रेरक उदाहरण बताते हुए कहा कि उनकी कृतियां आज भी पत्रकारिता और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में मार्गदर्शक हैं।

उन्होंने कहा कि ‘कर्पूर चन्द्र कुलिश पीठ’ की स्थापना का उद्देश्य पत्रकारिता, साहित्य और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में कुलिश की जीवन यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई तथा छात्राओं द्वारा घूमर नृत्य की प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीश चौबीसा एवं डॉ. सिद्धिमा शर्मा ने किया, जबकि आभार डॉ. तरूण श्रीमाली ने व्यक्त किया। समारोह में जिला कलक्टर डॉ. गौरव अग्रवाल, निहार कोठारी, सिद्धार्थ कोठारी, कोमल कोठारी सहित विश्वविद्यालय के डीन, डायरेक्टर, प्राध्यापक, जनप्रतिनिधि एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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