“उत्साह-2026” का पारितोषिक वितरण समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न

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Published on : 23 May, 26 09:05

उत्साह 2026-खेल, संस्कृति और युवा ऊर्जा का संगम – डॉ. प्रताप सिंह

“उत्साह-2026” का पारितोषिक वितरण समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न

उदयपुर  महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौधोगिकी विश्वविद्यालय छात्र कल्याण निदेशालय एवं क्रीड़ामण्डल के तत्वावधान में अन्तर महाविद्यालयी खेलकूद एवं सांस्कृतिक, साहित्यिक, रंगमचीय तथा ललीत कला की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता-उप-विजेता प्रतिभागियों का कल शुक्रवार, राजस्थान कृषि महाविद्यालय के नूतन सभागार में पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित किया गया। 
समारोह के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौधोगिकी विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ तथा विशिष्ठ अतिथि कुलसचिव श्री अशोक कुमार थे। अतिथि आगमन पर अध्यक्ष, क्रीडामण्डल डॉ. मनोज कुमार महला ने पुष्पगुच्छ एवं उपरणा ओढ़ा कर स्वागत किया और अपने स्वागत उद्बोधन में अतिथियों को निदेशालय एवं क्रीड़ामण्डल की गतिविधियों से अवगत कराते हुए बताया कि छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छात्रों के चहुमुखी विकास के लिए इन सह-शैक्षणिक गतिविधियों का बहुत महत्व हैं। 
मुख्य अतिथि कुलगुरू डॉ. प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में आज के दौर में छात्रों की जीवन शैली के लिए सह-शैक्षणिक गतिविधियों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता हैं। ये गतिविधियाँ छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास में अपनी प्रमुख भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विजेता-उप-विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि अध्ययन के साथ-साथ खेलकूद एवं सांस्कृतिक, साहित्यिक गतिविधियों में भागीदारी विद्यार्थियों में आत्मविश्वास के साथ-साथ प्रतिनिधित्व की क्षमता को विकसित करती है, जिससे वे जीवन की हार-जीत में संतुलन बनाकर सफल जीवन की ओर अग्रसर होते हैं। खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ शारीरिक शौष्ठव एवं मानसिक प्रसन्नता में सारथी बनकर सहायता करती हैं। 
विशिष्ठ अतिथि कुलसचिव श्री अशोक कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा के साथ खेल व सांस्कृतिक कार्यक्रम उतने ही जरूरी है, जितना जीवन जीने के लिए सांसो की आवश्यकता होती हैं। उन्होंने मस्तिष्क पर बोझ डालने वाली इस कठिन शिक्षा के बिच में भी विद्यार्थी जब समय निकाल कर इस तरह की प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेता है, और जीतता है तब यह जीत ही उसे जीवन जीने की कला सिखाती है, और किताबी शिक्षा का बोझ कम करती है और इस बात को इंगित करती है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता हैं। 
इस अवसर पर खेलों में सीटीएई महाविद्यालय ने क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, शतरंज (पुरूष वर्ग) एवं महिला वर्ग में बॉस्केटबॉल एवं शतरंज की ट्राफी पर कब्जा जमाया। बेडमिंटन, लॉन टेनिस (पुरूष वर्ग) तथा महिला वर्ग में बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कबड्डी और लॉन टेनिस की ट्राफी हासिल की। सीडीएफ टी ने कबड्डी की ट्राफी हासिल की।   
सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में सीसीएएस ने फाईन आर्ड, थियेटर एवं म्यूजिक इवेन्ट मे विजेता रहते हुए ऑवर ऑल चेम्पियनशीप हासिल की। वहीं लिटरेरी की ट्राफी सीटीएई ने एवं डॉंस की ट्राफी पर आरसीए ने कब्जा जमाया। 
राजस्थान कृषि महाविद्यालय के सहायक छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. एस. एस. लखावत ने इस अवसर पर अतिथियों, आगन्तुक महानुभावों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री श्रैया भट्ट ने किया। 
इस अवसर पर निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. आर. एल. सोनी, सीटीएई महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सुनील जोशी, सीडीएफटी एवं सीसीएएस महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. लोकेश गुप्ता, खेल प्रभारी डॉ. के. डी. आमेटा, आरसीए, डॉ. कमलेश कुमार मीना, सहायक अधिष्ठाता  छात्र कल्याण, सीडीएफटी, डॉ. रूपल बाबेल, सहायक अधिष्ठाता  छात्र कल्याण,  सीसीएएस, डॉ. केवल चन्द आदि उपस्थित थे। 


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