उदयपुर, राजस्थान आदिवासी संघ का 60वां स्थापना दिवस शुक्रवार को ऋषभदेव स्थित पगलियाजी मंदिर, केशरियाजी में उत्साहपूर्वक मनाया गया। समारोह में प्रदेशभर से आए समाजजन, विभिन्न आदिवासी संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में जनजाति उपयोजना क्षेत्र में पूर्ण शराबबंदी लागू करने तथा प्रशासनिक सेवाओं में आदिवासी समाज के लिए 6.5 प्रतिशत पृथक आरक्षण की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इन मांगों को लेकर सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान आदिवासी संघ के प्रदेशाध्यक्ष भूपत सिंह भगोरा ने की, जबकि मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा रहे। समारोह में एडवोकेट सुंदरलाल परमार, सोमेश्वर मीणा, नारायण रोड, गौतमलाल डामोर, विजयपाल रोड सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने आदिवासी समाज में बढ़ती कुरीतियों, नशाखोरी, अपराध प्रवृत्ति तथा शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज में एकता, सामाजिक सुधार और संविधान प्रदत्त अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता बताई। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राजस्थान आदिवासी संघ की स्थापना 18 अप्रैल 1967 को स्वर्गीय हीरालाल अहारी द्वारा समाज के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की गई थी और तब से संगठन लगातार समाजहित में कार्य कर रहा है।
प्रदेश महामंत्री धूलेश्वर कलासुआ ने युवाओं से समाज की जिम्मेदारी निभाने और सभी आदिवासी संगठनों को एक मंच पर लाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने आरक्षण प्रावधानों की अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए समाज को संगठित संघर्ष के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन देवीलाल कटारा एवं सुखलाल अहारी ने संयुक्त रूप से किया, जबकि आभार प्रदर्शन डूंगरपुर जिलाध्यक्ष मुकेश अहारी ने किया। समारोह में प्रदेश एवं जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।