पीजी डिप्लोमा इन योग एज्यूकेशन संकाय का वाषिर्कोत्सव समारेाह सम्पन्न

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Published on : 23 May, 26 17:05

पीजी डिप्लोमा इन योग एज्यूकेशन संकाय का वाषिर्कोत्सव समारेाह सम्पन्न

उदयपुर |  जीवन में आने वाली कठिनाईयों का व्यक्ति अपने हर स्तर पर मैनेज कर सकता है लेकिन स्वास्थ को कभी मैनेज नहीं सकता, इसके लिए तो उसे योग एवं आसन का ही सहारा लेना होगा। शारीरिक, मानसिक शांति के लिए व्यक्ति को योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। कोरोना के बाद  आज पूरे विश्व में आमजन योग के प्रति आकर्षित हुए है। प्राचीनकाल से ही भारत में योग परम्परा रही है, पूरे विश्व में योग भारत की ही देन है।

उक्त विचार राजस्थान विद्यापीठ के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के अन्तर्गत संचालित  पीजी डिप्लोमा इन योग एज्यूकेशन संकाय के विद्यार्थियों की ओर से आयोजित वाषिर्कोत्सव समारोह में कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने बतौर अध्यक्षीय उद्बोधन में कही।

उन्होंने कहा कि योग दिवस से पूर्व तीनों परिसर के कार्यकर्ताओं को योग गुरू द्वारा योग का अभ्यास कराया जायेगा।  आज के युग जहॉ ज्यादातर लोग तनाव, चिंता, रोग, दुख एवं अनेक प्रकार की समस्याओं से घिरे हुए है उन्हे कोई एक योग नहीं, बल्कि   समग्र योग का अभ्यास करना जरूरी हो गया है।

कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने कहा कि योग एक वृहद विज्ञान है इसकी चर्चा हमारे पौरोणिक ग्रंथ श्रीमद् भागवत गीता, विज्ञान भैरव तंत्र, योग वशिष्ठ, पातंजलि योग दर्शन में भी की गई है जैसे की मनुष्य के चीत अवस्था एक जैसी नहीं होती, वैसे ही योग का कोई एक स्वरूप नहीं होता है। राजयोग राजसी व्यक्ति के लिए, हठ योग तामसिक व्यक्ति और प्रसादी व्यक्ति के लिए, भक्ति योग सात्विक व्यक्ति के लिए, लय योग संगीतज्ञ के लिए, कुंडलीनी योग तपस्वियों के लिए होता है।
आयोजन सचिव डॉ. रोहित कुमावत ने बताया कि समारेाह में अतिथियों द्वारा आगामी योग दिवस की थीम स्वास्थ्य ,ज्ञान और विश्व शांति कि लिए योग के पोस्टर का विमोचन एवं  विधार्थियों को ट्रेक सूट वितरित किए गए।
 
प्रारंभ में प्राचार्य प्रो. सरोज गर्ग ने अतिथियो का स्वागत करते हुए समारोह की जानकारी दी। संचालन डॉ. इंदू बाला आचार्य ने किया जबकि धन्यवाद योग प्रभारी डॉ. रोहित कुमावत ने दिया।

समारेाह में प्रो. बलिदान जैन, प्रो. अमी राठौड़,  प्रो. रचना राठौड, प्रो भूरालाल श्रीमाली, डॉ. सरिता मेनारिया,  डॉ. हरीश मेनारिया, डॉ. पुनीत पण्ड्या , डॉ. रेणु हिंगड , डॉ. पल्लव पांडे, डॉ. हिम्मत सिंह चुंडावत, डॉ. सुभाष पुरोहित, डॉ. ममता कुमावत, सहित कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।


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