उदयपुर। भारतीय पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर मिनी माइक्रो आर्टिस्ट डॉ. चंद्र प्रकाश चित्तौड़ा द्वारा सूक्ष्म पुष्टिविधि कला के माध्यम से एक अनूठी एवं प्रेरणादायक प्रस्तुति दी गई। उन्होंने अत्यंत सूक्ष्म कला शैली में “पत्रकारिता के 200 वर्ष” विषय को चित्र, नाम, आकृति एवं सफर के रूप में उकेरते हुए पत्रकारिता के ऐतिहासिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक महत्व को दर्शाया।
डॉ. चित्तौड़ा ने अपनी विशेष माइक्रो आर्ट तकनीक के माध्यम से पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की यात्रा को बेहद बारीकी से सुरक्षा पुस्तिका पर उतारा। इस कलात्मक प्रस्तुति में पत्रकारिता के संघर्ष, निष्पक्षता, जनजागरण, लोकतंत्र की मजबूती तथा समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया। कला के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि पत्रकारिता केवल समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की चेतना और लोकतंत्र की आवाज है।
उन्होंने इस विशेष अवसर पर देशभर के सभी पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य को सामने लाना और जनहित के मुद्दों को उठाना पत्रकारिता की सबसे बड़ी शक्ति है।
डॉ. चंद्र प्रकाश चित्तौड़ा की यह अनूठी पहल कला और पत्रकारिता के संगम का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसकी विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा सराहना की जा रही है।