गंगा दशहरा पर गड़ीसर सरोवर से जल संरक्षण जन-जागरण का हुआ भव्य आयोजन

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Published on : 25 May, 26 17:05

जल पूजन, दीप प्रज्वलन, महाआरती एवं जन-शपथ के साथ दिया जल संरक्षण का संदेश

गंगा दशहरा पर गड़ीसर सरोवर से जल संरक्षण जन-जागरण का हुआ भव्य आयोजन

            जैसलमेर । गंगा दशहरा के पावन अवसर पर राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के तहत जैसलमेर के ऐतिहासिक गड़ीसर सरोवर पर भव्य जल पूजन, दीप प्रज्वलन एवं जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नायक के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जैसलमेर विधायक श्री छोटूसिंह भाटी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

           कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ जल पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात गड़ीसर सरोवर की भव्य महाआरती आयोजित की गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित आमजन ने सहभागिता निभाते हुए जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया। दीपों की जगमगाहट और श्रद्धा से ओतप्रोत वातावरण ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

        समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नायक ने कहा कि प्रदेशभर में संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला जन आंदोलन है। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनचेतना का संचार होगा तथा जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को नई दिशा मिलेगी।

        उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे पूरे समर्पण एवं सहभागिता भाव से इस अभियान से जुड़ें और जैसलमेर में जल संरक्षण का स्वर्णिम इतिहास रचने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जल स्वयं प्रकृति का अमूल्य उपहार है, आवश्यकता केवल जल निकायों एवं पारंपरिक स्रोतों के संरक्षण की है। यदि जल स्रोत सुरक्षित रहेंगे तो जल स्वतः संरक्षित रहेगा।

        उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य के लिए लिया गया सशक्त संकल्प है। उन्होंने वर्षा जल संग्रहण को बढ़ावा देने, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण को जीवन शैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

       श्री नायक ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि दो वर्ष पूर्व प्रारम्भ किया गया यह अभियान अत्यंत सफल रहा, जिसके तहत प्रदेशभर में 7 करोड़ पौधे लगाए गए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष “हरियालो राजस्थान” के संकल्प को और अधिक विस्तार देते हुए अधिकाधिक पौधरोपण एवं पौधों के संरक्षण के प्रयास किए जाएंगे।

जल संरक्षण का दिलाया सामूहिक संकल्प

            कार्यक्रम के दौरान राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नायक ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन को जल संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि यह अभियान आमजन की सक्रिय भागीदारी से जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

          इस अवसर पर सीमा जन कल्याण समिति के अध्यक्ष सवाई दान, समाजसेवी कवराज सिंह चौहान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह सांदू, जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता कौशल पालीवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत भैराराम चौधरी, नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा, उपनिदेशक महिला अधिकारिता अशोक कुमार गोयल, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क प्रवीण प्रकाश चौहान, वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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