श्रीगंगानगर। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिला स्तरीय सीएसआर कार्यशाला का आयोजन जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजन किया गया। कार्यशाला में जल संरक्षण, जल स्त्रोतों के पुनर्भरण तथा जनभागीदारी के माध्यम से जल बचत को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए सरकारी विभागों, निजी संस्थाओं एवं कॉर्पोरेट संस्थानों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड का उपयोग सार्वजनिक हित जुड़े जनोपयोगी कार्यों में प्राथमिकता से किया जाए। उद्योगपतियों एवं संस्थाओं के सहयोग से पौधारोपण, जल संरक्षण, शिक्षा संस्थानों के विकास, खेल गतिविधियों तथा सामुदायिक विकास से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि जल संरक्षण अभियान के तहत पौधारोपण के साथ वर्षा जल संचयन एवं जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए नवाचार अपनाए जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।
बैठक में शिक्षा संस्थानों, खेल मैदानों के साथ सूरतगढ़ स्टेडियम में ट्रैक विकसित कर चारों ओर पौधारोपण करवाने के निर्देश देते हुए कहा कि जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित कर अभियान को सफल बनाया जाए। इस दौरान भू-जल विभाग के भू जल वैज्ञानिक श्री बरकत अली द्वारा कर्म भूमि से मातृ भूमि अभियान के अंतर्गत सम्पादित गतिविधियों, इसके उद्देश्यों लाभ एवं अब तक हुई प्रगति एवं वर्षा जल को भू जल रिचार्ज करने के लिए प्रेजेंटेशन के माध्यम से अवगत करवाया।
बैठक में जिला परिषद के सीईओ श्री गिरधर, श्री हरीश मित्तल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. अजय सिंगला, श्री भीमसेन, श्री आर.एल. मीणा, श्री ऋषभ जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, विभिन्न कॉर्पोरेट प्रतिनिधि एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।