जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अप्रैल 2026 के दौरान ऊर्जा संरक्षण, सौर ऊर्जा उत्पादन, इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन एवं यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण एवं विद्युतीकरण कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है उत्तर पश्चिम रेलवे ने भगत की कोठी इलेक्ट्रिक लोको शेड में अप्रैल 2026 तक कुल 181 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (78 डब्ल्यूएपी-7 एवं 103 डब्ल्यूएजी-9एचसी) सफलतापूर्वक कमीशन किए जा चुके हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मंडलों में वर्तमान में 226 जोड़ी यात्री गाड़ियां, जो कुल यात्री ट्रेनों का लगभग 80 प्रतिशत हैं, इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। माल ढुलाई के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा कुल माल परिवहन का लगभग 61 प्रतिशत कार्य इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के माध्यम से किया जा रहा है।
ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्तर पश्चिम रेलवे ने अप्रैल 2026 में सौर संयंत्रों के माध्यम से लगभग 15.80 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन किया। इसके अतिरिक्त डीजल लोकोमोटिव को निष्क्रिय समय में बंद रखने से 509 किलोलीटर ईंधन की बचत हुई, जिससे लगभग 4.72 करोड़ रुपये की बचत दर्ज की गई। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा सौर ऊर्जा परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। जयपुर, अजमेर, बीकानेर एवं जोधपुर मंडलों में विभिन्न रूफटॉप सोलर परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। अप्रैल 2026 तक कुल 348 किलोवाट सौर क्षमता का कमीशनिंग कार्य पूर्ण किया गया।
सुरक्षा एवं आधुनिकीकरण के तहत केएवीएसीएच प्रणाली, एलईडी हेडलाइट, वाटरलेस यूरिनल, सीएबी एसी तथा उन्नत ड्राइवर सीट जैसी सुविधाओं का लोकोमोटिव में चरणबद्ध विस्तार किया जा रहा है। भगत की कोठी शेड में अप्रैल 2026 तक 15 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में केएवीएसीएच प्रणाली स्थापित की जा चुकी है।
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता तथा सुरक्षित रेल संचालन को प्राथमिकता देते हुए भविष्य की परियोजनाओं पर भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।