आने वालें समय में राजस्थान को मिलेगी 200 नई ट्रेनों की सौगातः रेलमंत्री

( 672 बार पढ़ी गयी)
Published on : 26 May, 26 19:05

राजस्थान में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्पः स्टेशनों पर पिट लाइनों के विकास से ट्रेनों की संख्या होगी दोगुनी

आने वालें समय में राजस्थान को मिलेगी 200 नई ट्रेनों की सौगातः रेलमंत्री

जयपुर। राजस्थान में रेलवे की आधारभूत संरचना को आधुनिक, सुदृढ़ एवं यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पिट लाइनों, कोचिंग टर्मिनलों, यार्ड आधुनिकीकरण, दोहरीकरण, नये परीक्षण, ट्रेक की गति में वृद्धि एवं स्टेशन पुनर्विकास जैसे अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। ट्रेनों के रखरखाव, धुलाई, निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण की क्षमता में वृद्धि से न केवल परिचालन दक्षता बढेगी, बल्कि उत्तर पश्चिम रेलवे परिक्षेत्र में रेल यातायात वृद्धि और समग्र अवसंरचना विकास के लिए नए रास्ते भी खुलेंगे।
केंद्रीय रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने जालोर रेलवे स्टेशन पर आजादी के बाद पहली बार जालोर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाली सीधी नई रेलसेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के अवसर पर बताया कि आगामी समय में राजस्थान सेें 200 से अधिक नई ट्रेनों के संचालन की क्षमता विकसित की जा रही है।
राजस्थान में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के चलते नई ट्रेनों की संचालन क्षमता विकसित करने हेतु प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पिट लाइनों, कोचिंग टर्मिनलों, यार्ड आधुनिकीकरण, दोहरीकरण, नये परीक्षण, ट्रेक की गति में वृद्धि एवं स्टेशन पुनर्विकास जैसे अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। राजस्थान में नई एवं विस्तारित रेल सेवाओं के संचालन से सीमावर्ती क्षेत्रों, ग्रामीण अंचलों तथा औद्योगिक क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे अपनी रेल रखरखाव क्षमताओं के व्यापक विस्तार की योजना पर कार्य कर रहा है। रेल परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए ट्रेन रखरखाव क्षमता में वृद्धि महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, ट्रेनों के रखरखाव के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकार क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 22 रेल पिट लाइनें हैं। उल्लेखनीय है कि पिट लाइन ट्रेनों के प्राइमरी मेंटिनेंस के लिए अति आवश्य है।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेल रखरखाव क्षमताओं का विकेन्द्रीकरण करते हुऐ विभिन्न स्थानों जैसे मदार, उमरा, लालगढ़, श्रीगंगानगर, हिसार, सूरतगढ़, खातीपुरा (जयपुर), बाड़मेर, जैसलमेर स्टेशनों पर रेल रखरखाव के लिए 20 नई रेल पिट लाइनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है और इन कार्यों क प्रगति की उच्च स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
इसके अतिरिक्त जयपुर के निकट भट्टो की गली को मेगा कोचिंग टर्मिनल के रूप में विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित है। जिसमें पिट लाइन, वॉशिंग लाइन, स्टेबल लाइन, सिक लाइन जैसी अनुरक्षण सुविधाएँ विकसित की जाएगी ताकि वन्दे भारत तथा अन्य ट्रेनों के रैंक का अनुरक्षण किया जा सकेगा। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जयपुर शहर के विस्तार को देखते हुए अधिकाधिक रेल परिवहन की सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेगी।
इस व्यापक विस्तार से मौजूदा रखरखाव क्षमता लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है, जिससे उत्तर पश्चिम रेलवे की रेल संचालन क्षमता एक तरीके से दोगुनी हो जाएगी। इससे नई रेल सेवाओं की शुरुआत के पर्याप्त अवसर पैदा होंगे। देश के विभिन्न हिस्सों में नई ट्रेनों की शुरुआत सभी  यात्रियों के लिए लाभकारी होगी, जिससे क्षेत्र के सामाजिक.आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
राजस्थान में रेलवे विकास के वर्तमान कार्य आने वाले वर्षों में राज्य की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देंगे तथा प्रदेश को देश के प्रमुख आर्थिक एवं पर्यटन केंद्रों से और अधिक मजबूती से जोड़ेंगे। आगामी समय में राजस्थान भारतीय रेल के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में अग्रणी भूमिका निभाएगा और नई ट्रेनों, आधुनिक स्टेशनों तथा सुदृढ़ रेल नेटवर्क के माध्यम से आमजन को व्यापक लाभ प्राप्त होगा।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.