रेलकर्मी के 10 वर्षीय बेटे की अपहरण के बाद हत्या, 200 रुपए नहीं देने पर पत्थरों से कुचला सिर
शव झाड़ियों में मिला, अप्राकृतिक कृत्य की आशंका; एक नाबालिग हिरासत में,जल्द खुलेगा राज
के डी अब्बासी
कोटा। कोटा शहर के रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। रेलवे कर्मचारी के 10 वर्षीय बेटे का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को सोगरिया क्षेत्र की झाड़ियों में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने एक नाबालिग को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। घटना की खबर मिलते है रेलवे कॉलोनी थाना प्रभारी रामस्वरूप मीणा अपनी पुलिस टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे थे। बड़ी घटना होने के कारण पुलिस का आला अफसर भी घटना स्थल पर पहुंचे और दिशा निर्देश दिए।
मृतक बालक मयंक, रेलवे वर्कशॉप बॉडी रिपेयर शॉप में फिटर पद पर कार्यरत अमर सिंह मीणा का बेटा था। परिवार नई बस्ती सोगरिया पेट्रोल पंप के पीछे किराए के मकान में रहता है। सोमवार शाम करीब 5 बजे मयंक साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने रातभर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद रेलवे कॉलोनी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
CCTV फुटेज से खुला राज
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। फुटेज में 14-15 वर्षीय एक नाबालिग मयंक को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया। पुलिस ने तलाश कर उसे हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में वह लगातार गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती के बाद उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
नाबालिग की निशानदेही पर पुलिस सोगरिया क्षेत्र की झाड़ियों में पहुंची, जहां मयंक का शव बरामद हुआ। शव की हालत बेहद भयावह थी। चेहरा पत्थरों से कुचला हुआ था और शरीर का बड़ा हिस्सा क्षत-विक्षत मिला। आशंका जताई जा रही है कि रातभर खुले में पड़े रहने के कारण आवारा जानवरों ने शव को नोच लिया।
200 रुपए नहीं देने पर हत्या
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने मयंक से 200 रुपए मांगे थे। रुपए नहीं देने पर पहले बेल्ट से मारपीट की गई और बाद में पत्थरों से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई।
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। मयंक की पेंट घुटनों तक उतरी हुई मिली, जिसके बाद पुलिस अप्राकृतिक मैथुन की आशंका को भी जांच में शामिल कर रही है। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना से रेलवे कर्मचारियों में आक्रोश
वारदात की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी और समाजबंधु मौके पर पहुंच गए। देर रात रेलवे वर्कशॉप गेट के बाहर कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की और रेलवे प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने डीआरएम और मुख्य कारखाना प्रबंधक को मौके पर बुलाने की मांग की।
कर्मचारियों का कहना है कि रेलवे की खाली पड़ी जमीन पर झाड़ियां और सुनसान इलाके असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुके हैं। उन्होंने रेलवे भूमि की सफाई, फेंसिंग और खाली रेलवे क्वार्टरों में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरे शहर में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है।