नई दिल्ली । राजस्थान के कृषि एवं बागवानी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को नई दिल्ली के पूसा में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में राजस्थान के कृषि परिदृश्य पर पक्ष रखते हुए देशभर से आए कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कर रहे थे। डॉ. किरोडी लाल मीणा ने कहा कि सम्मेलन में कृषि उत्पादकता वृद्धि, जलवायु-अनुकूल खेती, प्राकृतिक खेती, दलहन-तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता तथा डिजिटल कृषि जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई है। इस दौरान राजस्थान सरकार की ओर से प्रदेश के किसानों के हितों, कृषि अवसंरचना को मजबूत करने एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव और अनुभव साझा किए।
सम्मेलन में डॉ. मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत - समृद्ध किसान” के संकल्प को साकार करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, खेती को तकनीक से जोड़ने और राजस्थान के अन्नदाता को अधिक सशक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान कृषि क्षेत्र विकास से जुड़े समस्त महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है ताकि किसानों को उनका वाजिब हक मिल सके। डॉ. मीणा ने कहा कि किसानों के लिए सुलभ खेती हेतु समय पर खाद, बीज और पेस्टिसाइड किस तरह से उचित समय और उचित मूल्य पर मिले इसके लिए भी सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए जिन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने शीघ्रता से कार्यवाही करने के आश्वासन दिया है।