उदयपुर। वंदे गंगा अभियान के अंतर्गत जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग द्वारा ग्राम पंचायत धार में जल संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का अवलोकन भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि देश के बड़े शहरों जैसे चेन्नई और बेंगलुरु में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। यदि समय रहते जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो अन्य क्षेत्रों को भी ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को प्रत्येक व्यक्ति की दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
विधायक ने नागरिकों से अपील की कि वे पीने के लिए उतना ही पानी लें जितनी आवश्यकता हो तथा स्नान और घरेलू कार्यों में पानी का संयमित उपयोग करें। उन्होंने किसानों को कृषि भूमि पर मेड़बंदी, फार्म पॉन्ड निर्माण, बूंद-बूंद सिंचाई एवं फव्वारा सिंचाई प्रणाली अपनाने की सलाह दी।
इस अवसर पर विधायक मीणा ने उबेश्वरजी क्षेत्र के पानी को बड़े तालाब तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों की मांग के अनुरूप व्यक्तिगत लाभ के कार्यों को स्वीकृत कर लाभान्वित करने की बात कही।
कार्यक्रम में विकास अधिकारी ने वंदे गंगा अभियान की जानकारी दी, जबकि सहायक अभियंता नरेंद्र सोनी ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के प्रथम एवं द्वितीय चरण में ग्राम क्षेत्र में किए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक एवं ग्रामवासियों ने बनादिया गांव में सूखी पत्थर चिनाई तकनीक से निर्मित जल संरक्षण पोंड का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश जोशी, दिनेश धाबाई, महेंद्र सिंह देवड़ा, वरदीचंद डांगी, राजकुमार शर्मा, विक्रम सिंह देवड़ा, वक्ताराम गमेती, भगवती गमेती, शांतिलाल गमेती, पूजा बॉलीवाल, कीर्तिका शर्मा एवं वालूराम मीणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हिम्मत सिंह देवड़ा ने किया।