गोपेन्द्र नाथ भट्ट
राजस्थान भौगोलिक दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। विशाल क्षेत्रफल, अंतरराष्ट्रीय सीमा, पर्यटन की अपार संभावनाएं तथा खनिज और औद्योगिक संपदा के कारण यहां सुदृढ़ रेल नेटवर्क की आवश्यकता हमेशा महसूस की जाती रही है। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने विशेष कर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की पहल पर राजस्थान में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशन पुनर्विकास और आधुनिक ट्रेनों के संचालन ने राज्य को देश के प्रमुख रेल मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थान दिलाया है।
राजस्थान में रेल नेटवर्क केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार बनता जा रहा है। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक नई रेल परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। रेलवे के विद्युतीकरण अभियान ने राजस्थान में नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है। अधिकांश प्रमुख रेल मार्गों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जिससे डीजल पर निर्भरता कम हुई है और रेल संचालन अधिक पर्यावरण-अनुकूल तथा किफायती बना है। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, कोटा और उदयपुर जैसे प्रमुख रेल मंडलों में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ा है। राज्य में नई रेल लाइनों के निर्माण और पुरानी लाइनों के दोहरीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे ट्रेनों की गति बढ़ी है तथा माल और यात्री परिवहन की क्षमता में वृद्धि हुई है। राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों, सीमेंट उद्योगों, खनन क्षेत्रों और कृषि उत्पादक इलाकों को बेहतर रेल संपर्क मिलने से आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है।
रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत राजस्थान के अनेक स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। जयपुर, अजमेर, उदयपुर, अलवर, बीकानेर, भरतपुर, सवाई माधोपुर और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है। आधुनिक प्रतीक्षालय, एस्केलेटर, लिफ्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली और बेहतर स्वच्छता व्यवस्था यात्रियों के अनुभव को बेहतर बना रही है।
राजस्थान पर्यटन की दृष्टि से विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में रेलवे अवसंरचना का विस्तार पर्यटन उद्योग को भी नई गति दे रहा है। जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, उदयपुर, माउंट आबू, अजमेर और पुष्कर जैसे पर्यटन स्थलों तक बेहतर रेल संपर्क स्थापित होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। लक्ज़री पर्यटन ट्रेनों और विशेष रेल सेवाओं ने राजस्थान की पर्यटन पहचान को और मजबूत किया है। राज्य में माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित माल गलियारे और लॉजिस्टिक सुविधाओं का विकास भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे और पश्चिमी समर्पित मालवाहक गलियारे का लाभ राजस्थान को मिल रहा है। इससे उद्योगों को तेज, सुरक्षित और कम लागत वाली परिवहन सुविधा उपलब्ध हो रही है।
रेल बजटों में राजस्थान को लगातार प्राथमिकता मिल रही है। रेलवे परियोजनाओं के लिए बढ़ते निवेश ने कई वर्षों से लंबित योजनाओं को गति प्रदान की है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल संपर्क का विस्तार राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर जैसे क्षेत्रों में रेलवे नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण सामरिक महत्व रखता है। इसके साथ ही वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के संचालन ने राजस्थान के यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव प्रदान किया है। प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय में कमी आई है, जिससे व्यवसायिक गतिविधियों को भी लाभ मिला है।
निस्संदेह, राजस्थान में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और व्यापक विस्तार राज्य के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। नई रेल परियोजनाएं, आधुनिक स्टेशन, बेहतर यात्री सुविधाएं और बढ़ता निवेश राजस्थान को देश के सबसे बेहतर रेल-संपर्क वाले राज्यों में शामिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में यह विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राजस्थान में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और व्यापक विस्तार के तेजी से जारी कामों को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के दिल्ली दौरे के बाद और गति मिलने के आसार हैं। मुख्य सचिव के इस दौरे के दौरान प्रदेश की जारी रेलवे परियोजनाओं को जल्दी पूरा करने से जुड़े कई बिंदुओं को लेकर सहमति बनी है जिसका परिणाम जल्द सामने आने की संभावना है।