राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की उत्तराखण्ड की पांच दिवसीय यात्रा

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Published on : 02 Jun, 26 16:06

जी एन भट्ट 

राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की उत्तराखण्ड की पांच दिवसीय यात्रा

नई दिल्ली/जयपुर । राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उत्तराखण्ड की अपनी पांच दिवसीय यात्रा के पहले दिन देहरादून में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण और पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक से शिष्टाचार भेंट की। देवनानी मंगलवार को प्रातः देहरादून पहुँचे। 

 *मुख्यमंत्री श्री धामी ने की सराहना:-* उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री धामी ने स्पीकर  देवनानी का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया ।  देवनानी  ने उन्हें राजस्थान विधानसभा में किए गये नवाचारों पर आधारित पुस्तक की प्रति भेंट की और  विधानसभा में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों एवं कार्यक्रमों की जानकारी  धामी के साथ  साझा की।मुख्यमंत्री धामी ने स्पीकर देवनानी द्वारा किए गए नवाचारों की सराहना की। 

 *उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने भी की सराहनाअपने दौरे में स्पीकर देवनानी ने उत्तराखंड विधानसभा में विधानसभाध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण से भी शिष्टाचार भेंट की ।  भूषण ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर  उनका स्वागत किया। देवनानी ने भूषण को भी राजस्थान विधानसभा नवाचारों की पुस्तक की प्रति भेंट की तथा राजस्थान विधानसभा में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों एवं कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। स्पीकर भूषण ने विधानसभाध्यक्ष देवनानी की पहल की सराहना की । साथ ही विधानसभा के प्रतीक चिह्न (लोगो) को राजस्थान के जन मानस की सोच का प्रतिनिधित्व बताया। उन्होंने स्पीकर देवनानी के विधानसभा भवन के विभिन्न द्वारों के नामकरण को ऐतिहासिक और मूल्यपरक निर्णय बताते हुए कहा कि द्वारों के नाम लोकतंत्र के मूल आदर्शों के प्रतीक हैं। इन द्वारों से प्रवेश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति यह अनुभव करेगा कि वह केवल एक भवन में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्कारों के पवित्र केंद्र में प्रवेश कर रहा है। स्पीकर भूषण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न भवनों के नामकरण करने की तर्ज पर विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने विधानसभा के द्वारों को कर्तव्य द्वार, शक्ति द्वार, सुशासन द्वार, संकल्प द्वार और शौर्य द्वार नाम देकर ऐतिहासिक कार्य किया है। भूषण ने विधान सभा भवन के बाहरी द्वारों को राजस्थान के विभिन्न अंचलों बृज, शेखावाटी, वागड, हाड़ौती, मारवाड़, मेवाड, मेरवाडा और ढूंढाड के नाम पर समर्पित कर, राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता, विरासत और लोकपरंपराओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोडने का अभिनव प्रयास बताया।

*उत्तराखण्ड के पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री ने किया स्वागत* 

उत्तराखण्ड विधान सभा पहुँचने पर स्पीकर देवनानी का उत्तराखण्ड के पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कौशिक ने देवनानी का पारम्परिक शिरोवस्त्र और दुपट्टा पहनाकर अभिवादन किया। यह शिरोवस्त्र उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, लोकजीवन और गौरवशाली परम्पराओं का प्रतिनिधित्व करता है। देवनानी और कौशिक के मध्य दोनों राज्यों के विभिन्न मुद्दों और राजस्थान विधानसभा में किये जा रहे विभिन्न नवाचारों पर विस्तार से चर्चा हुई।

*स्पीकर देवनानी करेंगे उत्तराखंड के चार धाम  की यात्रा*- 

विधानसभाध्यक्ष देवनानी तीन जून को देहरादून से यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के दर्शन करने रवाना होंगे। इसके पश्चात देवनानी रात्रि विश्राम गंगोत्री में करेंगे। वे चार जून को केदारनाथ धाम पहुंचकर दर्शन एवं रात्रि विश्राम करेंगे। देवनानी पांच जून को बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर देहरादून पुनः लौटेंगे और वहाँ से उनका नई दिल्ली आने का कार्यक्रम है। 

*जयपुर से यात्रा पर रवाना होने पर हुआ स्वागत*

इससे पहले मंगलवार को प्रातः वायुयान द्वारा उत्तराखंड की पांच दिवसीय यात्रा के लिए रवाना होने पर विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी प्रातः सिविल लाइन्स स्थित राजकीय निवास पर विधानसभा के अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर और माला पहनाकर अभिवादन किया एवं सुखद यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। इस मौके पर विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, विशिष्ट सहायक के. के. शर्मा, उप सचिव सुनील अग्रवाल, योगेश त्रिपाठी,विशेषाधिकारी प्रमोद शर्मा, उप निदेशक (जनसम्पर्क) डॉ. लोकेश चन्द्र शर्मा, मार्शल विक्रम सिंह शेखावत, प्रोटोकॉल अधिकारी दिनेश कुमार शर्मा, परामर्शदाता नरेश जैन, पंकज माथुर, मनीष सैनी और रोहिताश पारीक आदि मौजूद थे।


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