श्रीगंगानगर। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा मंगलवार को विभिन्न कार्यक्रमों में जल पूजन और श्रमदान कर जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी का संदेश दिया। इसके अलावा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित भी किया गया। आमजन की सहभागिता से आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थितजनों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।
जल संसाधन विभाग के एसई श्री धीरज चावला ने बताया कि मंगलवार को खखा हैड, बाईफिरकेशन, डाबला हैड पर जल पूजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के बिना सतत विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी आधारित अभियानों को नई दिशा मिली है। वहीं माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार जल संसाधनों के संरक्षण, जल संरचनाओं के पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कार्य कर रही है।
श्री चावला ने बताया कि यह अभियान एक जन आंदोलन है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। जल बचाने, जल स्रोतों की साफ-सफाई, पौधारोपण तथा वर्षा जल संचयन जैसे प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। राज्य सरकार जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रदेशभर में विभिन्न विभागों और स्थानीय लोगों की भागीदारी से व्यापक स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने सभी लोगों से जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझते हुए उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। इस दौरान उपस्थितजनों ने जल पूजन करते हुए जल संरक्षण का संकल्प भी लिया।
इस दौरान जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष के साथ संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके अलावा गंगनहर सहित विभिन्न स्थानों नहरी खालों की सफाई करते हुए पौधारोपण भी किया गया। उक्त कार्यक्रमों में जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया गया तथा विस्तारपूर्वक वन्दे गंगा अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी गई।