जयपुर। भारतीय रेल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित, आरामदायक तथा आधुनिक बनाने की दिशा में ट्रेनों के पारंपरिक आईसीएफ रैक को एलएचबी रैक में परिवर्तन कर संचालित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के माह अप्रैल व मई में भारतीय रेलवे द्वारा 19 जोडी ट्रेनों के 31 रैक एलएचबी में परिवर्तन किये है तथा 2 जोडी नई रेलसेवाओं के 4 रैक भी एलएचबी से संचालित किये गये है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि रेलवे द्वारा परंपरागत आईसीएफ कोचों के स्थान पर चरणबद्ध तरीके से एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। एलएचबी कोच जर्मन तकनीक पर आधारित आधुनिक कोच हैं, जो अधिक गति, बेहतर आराम, कम कंपन तथा उच्च सुरक्षा मानकों के लिए जाने जाते हैं। इन कोचों की विशेष डिजाइन के कारण दुर्घटना की स्थिति में एक कोच के दूसरे पर चढ़ने की संभावना नहीं रहती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रिॉनिकी एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा हाल ही में 22 मई 2026 को भुज से दिल्ली के बीच नई रेलसेवा का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया गया था। इस नई रेलसेवा के 3 रैक भी एलएचबी से संचालित किये जा रहे है। यह रेलसेवा पश्चिमी राजस्थान के जालोर व पाली मारवाड को जयपुर तथा देश की राजधानी दिल्ली के साथ सुगम कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रही है।
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा भी वित्तीय वर्ष 2026-27 में जोधपुर-भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस के 4 रैक सहित मई 2026 तक उत्तर पश्चिम रेलवे के स्वामित्व वाली 193 जोडी रेलसेवाओं के 196 रैको में से 88 जोडी के 106 रैक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों से संचालित किये गये है। एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों के संचालन से यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव के साथ-साथ उच्च स्तरीय सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
एलएचबी कोचों में यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इन आधुनिक कोचों में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, अधिक आरामदायक सीटें, उन्नत ब्रेकिंग प्रणाली, आधुनिक शौचालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तथा मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही इन कोचों में शोर एवं कंपन अपेक्षाकृत कम होने से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में अधिक आराम मिलता है। एलएचबी कोचों की अधिकतम गति क्षमता पारंपरिक कोचों की तुलना में अधिक होती है। इन कोचों के उपयोग से ट्रेनों की समयपालन क्षमता में भी सुधार होता है। आधुनिक तकनीक से निर्मित इन कोचों में डिस्क ब्रेक, एयर स्प्रिंग सस्पेंशन तथा एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन जैसी विशेषताएं शामिल हैं, जो इन्हें अधिक सुरक्षित बनाती हैं।
रेलवे द्वारा भविष्य में और अधिक रेलसेवाओं में एलएचबी कोच लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। भारतीय रेल का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना एवं रेल परिवहन को आधुनिक बनाना है। उत्तर पश्चिम रेलवे इस दिशा में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।