उदयपुर। हाल ही में ट्रेड लाइसेंस शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में राजस्थान होटलियर्स क्लब ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर होटल उद्योग से जुड़ी समस्याओं और चिंताओं से अवगत कराया। क्लब ने ज्ञापन के माध्यम से शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक प्रभाव छोटे एवं मध्यम श्रेणी के होटल व्यवसायियों पर पड़ रहा है।
क्लब पदाधिकारियों ने बताया कि बढ़ी हुई लाइसेंस फीस के कारण होटल व्यवसाय के संचालन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जिससे उद्योग से जुड़े अनेक व्यवसायियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शुल्क वृद्धि के निर्णय की पुनः समीक्षा की जाए।
इस संबंध में राजस्थान होटलियर्स क्लब की पूरी टीम ने एकजुट होकर जिला प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी और होटल उद्योग के हितों की रक्षा के लिए सकारात्मक पहल की मांग की। क्लब का कहना है कि होटल उद्योग पर्यटन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है तथा इससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होता है। ऐसे में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार उद्योग की विकास गति को प्रभावित कर सकता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान क्लब के संस्थापक राजनिकांत शर्मा, नरेंद्र मेहता, क्लब अध्यक्ष करण सिंह चंपावत, उपाध्यक्ष लाल सिंह झाला सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में होटल व्यवसायियों की समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। राजस्थान होटलियर्स क्लब ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन होटल उद्योग से जुड़े पक्षों को गंभीरता से सुनेगा और व्यापार एवं पर्यटन हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगा।