उदयपुर। खेत बचाओ अभियान के तहत कृषक संगोष्ठी का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा खेत बचाओ अभियान के तहत कृषक संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 03.06.2026 को कन्नौज गांव में किया गया। कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम में कन्नौज ग्राम पंचायत के 60 कृषक एवं कृषक महिलाओ ने भाग लिया। कार्यक्रम में केन्द्र के डॉ. रतन लाल सोलंकी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष ने किसानों को खेती की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि किसानो को मिटटी के स्वास्थ्य और घटती उर्वरता पर चिंता जताते हुए संतुलित उर्वरक उपयोग अपनाने पर जोर दिया। रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति में कठिनाई और उनके मूल्यों में वृद्धि को देखते हुए केंद्र सरकार ने खेत बचाओ अभियान शुरू किया। रासायनिक उवर्रकों का आवश्यकता से अधिक उपयोग केवल खेती की लागत ही नहीं बढ़ाता, बल्कि खेतों की मिट्टी की उर्वरक क्षमता को भी कम करता है। इसके अतिरिक्त भूजल भी दूषित होता है। उर्वरकों का अंसतुलित उपयोग खेती के सामने गंभीर चुनौती बन रहा है। उर्वरकों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल अंततः उनके लिए घाटे का सौदा ही सिद्ध होता है, क्योंकि प्रारंभ में तो फसल अच्छी होती है, लेकिन समय के साथ खेतों की मिट्टी दूषित हो जाने के कारण उपज प्रभावित होती है। डॉ. सोलंकी ने किसानों को अपने खेत की मिटटी जांच करवारकर (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) मिटटी परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग अपनाने और फसल की आवश्यकता के अनुसार संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के आधार पर फसलो में संतुलित खाद प्रयोग करने की सलाह दी, किसानो को जैविक खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट का अधिक उपयोग करने एवं प्राकृतिक खेती को भी अपनाने का किसानो से आव्हान किया, साथ ही फसल चक अपनाने और हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, जिससे मिटटी की गुणवत्ता बनी रहे। प्रगतिशील कृषक खाजू खां व वाटरशेड के सचिव श्री शंकर लाल उपस्थित रहे।