कोटा। राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य "आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय" को सार्थक करते हुए कोटा ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड 2.0 के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान पुलिस ने चोरी एवं गुम हुए 114 मोबाइल हैंडसेट बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 17 लाख 15 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने बताया कि 15 मई से 31 मई 2026 तक जिले में साइबर अपराधियों की धरपकड़ तथा चोरी एवं गुमशुदा मोबाइलों की तलाश के लिए ऑपरेशन साइबर शील्ड 2.0 चलाया गया। अभियान के तहत वर्ष जून 2025 से मई 2026 के दौरान जिले में चोरी अथवा गुम हुए 114 मोबाइलों को कोटा ग्रामीण सहित अन्य राज्यों से बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा के सुपरविजन में थाना स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई थीं। साइबर सेल को भी मोबाइल ट्रैकिंग एवं साइबर गतिविधियों की निगरानी के निर्देश दिए गए थे। सभी टीमों के संयुक्त प्रयासों से मोबाइल बरामद कर फरियादियों को लौटाए गए, जिससे उनके चेहरों पर खुशी लौट आई।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में साइबर अपराधों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 3 जून 2026 तक कुल 1331 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 589 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। वर्ष 2026 की केवल 62 शिकायतें लंबित हैं।
साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए कोटा ग्रामीण पुलिस द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। जिले में अब तक 70 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर करीब 5 हजार लोगों को जागरूक किया जा चुका है। इन कार्यक्रमों में पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी, सीएलजी सदस्य एवं साइबर वॉलंटियर्स का सहयोग लिया गया।
मोबाइल बरामदगी अभियान में साइबर सेल के उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह तथा पुलिसकर्मियों लाखन सिंह, रणवीर सिंह, वीर सिंह, ऋषभ, श्यामलाल और अश्वनी का विशेष योगदान रहा।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाई अभियान समाप्त होने के बाद भी लगातार जारी रहेगी।