डीएमएफटी से चिकित्सालयों के रिक्त पद भरने का मार्ग प्रशस्त, जिला अस्पताल में स्थापित होगी एमआरआई मशीन

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Published on : 04 Jun, 26 18:06

डीएमएफटी की 12वीं शासी परिषद की बैठक में सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने रखे कई मुद्दे, 250 करोड़ के कार्यों के प्रस्ताव, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली प्राथमिकता

डीएमएफटी से चिकित्सालयों के रिक्त पद भरने का मार्ग प्रशस्त, जिला अस्पताल में स्थापित होगी एमआरआई मशीन

उदयपुर। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की 12वीं शासी परिषद की गुरुवार को कलेक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में सांसद मन्नालाल रावत ने जनता से जुडे कई मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया। उन्होंने टीडी गांव में डिप्लोमा स्तर के कॉलेज का निर्माण करने, सभी ब्लॉक्स स्तर पर लाइब्रेरी, देवास संकुल के 10 गांवों व जावर से चणावदा वेली में फलोत्पादन व सब्जी उत्पादन के हब निर्माण तथा जिले की बावड़ियों के संरक्षण जैसे कई मुद्दे रखे।  
बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में ट्रस्ट की आय-व्यय, पूर्व बैठकों में स्वीकृत कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न विभागों के नवीन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी, उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, गोगुंदा विधायक प्रताप गमेती, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, मावली विधायक पुष्करलाल डांगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने जानकारी दी कि राज्य सरकार से आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के बाद डीएमएफटी मद से स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी। बैठक में जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित करने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया गया। इसके अलावा बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विषय प्रमुखता से उठाए गए। जनप्रतिनिधियों ने विद्यालयों में आवश्यक भवन, कक्षाकक्ष, पेयजल सुविधाओं तथा अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने डीएमएफटी मद से संसदीय संकुल स्थापना, ब्लॉक स्तर पर युवाओं के लिए लाइब्रेरी निर्माण, बावड़ियों के निर्माण, चारागाह विकास, आईटीआई में कौशल विकास केंद्रों के संचालन तथा एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार करने का सुझाव रखा।  
बैठक में जिला परिषद एसीईओ विरमा राम ने बताया कि बैठक में करीब 250 करोड़ रुपये के प्रस्ताव बैठक में रखे गए। साथ ही गत वर्षों में स्वीकृत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। डीएमएफटी मद अंतर्गत वर्ष 2017 से अब तक विभिन्न विभागों में करीब 1069 करोड़ रुपए के विकास कार्य कराए जा चुके हैं।
लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश. शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल पर विशेष फोकस
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने पूर्व में स्वीकृत कार्यों की लंबित तकनीकी स्वीकृतियां शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने कहा कि स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर आमजन को लाभ प्रदान करें। उन्होंने विशेष रूप से विद्यालयों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां समाप्त होने से पूर्व शिक्षा विभाग से संबंधित निर्माण कार्य पूर्ण करने का सुझाव दिया।
जोशी ने दिया सुरक्षित विद्यालय भवनों का सुझाव
चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी ने राज्य स्तर पर लंबित प्रकरणों की स्वीकृतियां शीघ्र प्राप्त करने पर बल देते हुए कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित भवन उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने विद्यालयों में जर्जर कक्षा-कक्षों एवं भवनों की स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही जयसमंद से आने वाली पेयजल आपूर्ति की लगभग 800 मीटर लंबी पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की आवश्यकता भी बताई। उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन एवं ग्रामीण विधायक ने शहर के विभिन्न स्थानों पर आवश्यकता अनुसार सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने का प्रस्ताव रखा ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने पूर्व में स्वीकृत एवं वर्तमान में प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने डबोक चौराहे पर डाक बंगले के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा। गोगुंदा विधायक प्रताप गमेती ने विद्यालयों से संबंधित स्वीकृत कार्यों की प्रगति की प्रतिमाह समीक्षा बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया ताकि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो सके। साथ ही उन्होंने हैंडपंप मरम्मत कार्यों के लिए भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।
कलेक्टर अग्रवाल ने जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्ताव एवं सुझावों के आधार पर डीएमएफटी के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आधारभूत संरचना से जुड़े विकास कार्यों को गति देने तथा आमजन को अधिकतम लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
 


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