दुग्ध संघ दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका
श्रीगंगानगर। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों एवं पशुपालकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील नेतृत्व के परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादकों के हित में अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा प्रोत्साहन एवं रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, हनुमानगढ़ जंक्शन द्वारा दुग्ध उत्पादकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर की दर से अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। वहीं पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत राजकीय विद्यालयों तथा मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से मिल्क पाउडर की आपूर्ति की जा रही है।
दुग्ध उत्पादकों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पशु आहार पर 15 रुपये प्रति क्विंटल तथा हरे चारे के बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा दुग्ध समितियों को टेस्टिंग उपकरणों की खरीद पर 20 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
संघ द्वारा दुग्ध उत्पादक सदस्यों की प्रतिभावान बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। 12वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर 2,100 रुपये, 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर 11,000 रुपये तथा 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर 21,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
वर्ष 2025-26 में संघ द्वारा 200 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का पंजीकरण किया गया है तथा प्रति समिति 1.86 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई है। इस राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार तथा 50 प्रतिशत हिस्सा संघ द्वारा वहन किया गया है।
दुग्ध उत्पादकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सरस सुरक्षा कवच बीमा योजना संचालित की जा रही है, जिसमें प्रीमियम राशि का 20 प्रतिशत संघ द्वारा वहन किया जाता है। इसके अतिरिक्त सरस सामूहिक स्वास्थय बीमा योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 का संपूर्ण प्रीमियम संघ द्वारा वहन किया जा रहा है।
संघ द्वारा रोजगार सृजन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 64 सरस बूथ तथा 42 सरस शॉप एजेंसियां आवंटित की गई हैं। इसके साथ ही 20 युवाओं को सरस मित्र बनाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए बायोगैस संयंत्र स्थापना पर प्रति यूनिट 5,000 रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इन योजनाओं से जिले के हजारों दुग्ध उत्पादक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। इससे न केवल पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण विकास को गति प्रदान करना है, जिसकी दिशा में यह योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।