उदयपुर, मेवाड़ के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ पत्रकार तथा दैनिक नवजीवन के संस्थापक-संपादक कनक मधुकर की 19वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को नवजीवन भवन में श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा ने कनक मधुकर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि वे मेवाड़ में पत्रकारिता के भीष्म पितामह थे। उन्होंने राष्ट्रीय आन्दोलन के जन-जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। कनक मधुकर का जीवन स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्भीक पत्रकारिता का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने समाज में जागरूकता लाने तथा जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाने का कार्य किया। आज की पीढ़ी को उनके आदर्शों और संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रत्यूष पत्रिका के संपादक विष्णु शर्मा हितैषी ने कहा कि कनक मधुकर ने उस दौर में पत्रकारिता को अपना कर्मक्षेत्र बनाया, जब देश महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण चरणों से गुजर रहा था। उन्होंने वर्षों तक राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और देशहित को सर्वोपरि रखते हुए बरसो तक अजमेर में जेल की यातनाएं सहीं।
उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा में जन्मे कनक मधुकर ने किसान नेता विजय सिंह पथिक द्वारा संचालित किसान आंदोलन से प्रेरणा लेकर माणिक्य लाल वर्मा, रामनारायण चौधरी, कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी जैसे व्यक्तित्वों के साथ राजस्थान में आजादी और जनजागरण का बिगुल फूंका। बाद में उदयपुर आकर नवजीवन समाचार पत्र की स्थापना की और पत्रकारिता को जनसेवा का माध्यम बनाया। उनका पत्रकारिता के प्रति समर्पण जीवनपर्यंत बना रहा।
संगोष्ठी में पूर्व पार्षद फिरोज अहमद शेख, जसवंत ठाकुर, जयदीप चौहान, नितेश सर्राफ रविराम सिंह परमार, निश्चल सक्सेना, हर्ष रावल, लक्ष्मण मेहता, मधुकर परिवार से सारिका अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सारिका अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया।