जयपुर। केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय, जयपुर में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में विकास और सुशासन की नई कार्य संस्कृति स्थापित हुई है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ राजस्थान सहित पूरे देश को मिल रहा है।
मीडिया संवाद से पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने मोदी सरकार के 12 साल के कार्यों को रेखांकित करने वाली एक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। वैष्णव ने मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास, विश्वास और जनकल्याण के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेलवे,आधारभूत संरचना, शिक्षा, तकनीक और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे कार्य विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
*राजस्थान का रेल बजट बढ़ा कर 10828 करोड़*
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे सहित सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं, जिनका लाभ राजस्थान को भी बड़े पैमाने पर मिला है। राजस्थान जैसे सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य को कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय रेलवे के लिए मात्र 682 करोड़ रुपए का बजट मिलता था, जबकि मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर 10,828 करोड़ कर दिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में लगभग 76,000 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे के विभिन्न विकास कार्य हों रहे है ।
*अजमेर-जयपुर-दरभंगा नियमित रेल सेवा शुरू*
मीडिया संवाद के दौरान ही रेल मंत्री वैष्णव ने घोषणा की कि अजमेर-जयपुर-दरभंगा रेल सेवा को गुरुवार से नियमित रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त जयपुर-अजमेर सहित विभिन्न मार्गों पर वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया गया है।
*रेलवे नेटवर्क और आधारभूत ढाँचे का विस्तार*
वैष्णव ने बताया कि राजस्थान में 85 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास एवं आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जयपुर रेलवे स्टेशन के सेकंड एंट्री विकास कार्य, गांधी नगर जयपुर स्टेशन के पुनर्निर्माण सहित जैसलमेर, जोधपुर, अलवर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, आबू रोड, पाली मारवाड़, जालोर तथा अन्य छोटे-बड़े स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इन स्टेशनों के विकास में राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, स्थापत्य कला और स्थानीय पहचान को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और क्षमता वृद्धि के लिए राज्य में अनेक डबलिंग एवं नई रेल लाइन परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इनमें आगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, रींगस-सीकर, सवाई माधोपुर-जयपुर तथा लूणी-भीलड़ी रेल लाइन डबलिंग परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं देवगढ़ मदारिया-नाथद्वारा, नीमच-बड़ी सादड़ी, पुष्कर-मेड़ता तथा रामगंज मंडी-भोपाल नई रेल लाइन परियोजनाओं पर भी कार्य चल रहा है।
*राजस्थान को 46 नई रेलगाड़ियां*
उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद राजस्थान को 46 नई रेलगाड़ियां प्रदान की गई हैं। इनमें जोधपुर-दिल्ली, जोधपुर-पुणे, जैसलमेर-दिल्ली, बीकानेर-दिल्ली सहित कई महत्वपूर्ण रेल सेवाएं शामिल हैं।
*फ्रेट कॉरिडोर से राजस्थान को 14,700 करोड़ का लाभ*
रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि राजस्थान को 560 किलोमीटर लंबे फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के तहत 14,700 करोड़ के निवेश का लाभ मिला है, जिससे राज्य में माल परिवहन क्षमता और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से राजस्थान में 24 गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों का विकास किया जा रहा है। इनमें से 10 टर्मिनलों का कार्य पूर्ण हो चुका है, 6 पर निर्माण कार्य जारी है तथा 8 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जिनका कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।
*राजधानी जयपुर को 5 नई सौगाते*
वैष्णव ने शिक्षा एवं तकनीकी क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का उल्लेख करते हुए बताया कि एमएनआईटी जयपुर में तीन नई अत्याधुनिक पहलें शुरू की जाएंगी। इनमें क्वांटम लैब, सेमीकंडक्टर लैब तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लैब की स्थापना शामिल है। जयपुर शहर के भविष्य को लेकर दो महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि शहर में एक अत्याधुनिक एआई डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा तथा जयपुर को एक प्रमुख मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं प्रदेश में रोजगार, निवेश और तकनीकी विकास के नए अवसर सृजित करेंगी।