सुविवि हुआ प्रदेश का पहला पेपरलेस और फाइललेस विश्वविद्यालय

( 426 बार पढ़ी गयी)
Published on : 11 Jun, 26 23:06

डिजिटल प्रशासन की नई पहल

सुविवि हुआ प्रदेश का पहला पेपरलेस और फाइललेस विश्वविद्यालय

उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय ने प्रशासनिक कार्यों के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजस्थान सरकार के राज काज पोर्टल को अपने नियमित कार्यालयीन कार्यों में लागू कर दिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय “पेपरलेस और फाइललेस” कार्यप्रणाली की ओर अग्रसर हो गया है। इस व्यवस्था के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद विश्वविद्यालय के पत्राचार, फाइलों की आवाजाही तथा प्रशासनिक अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा सकेगी।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ.कुंजन आचार्य ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा विकसित राजकाज पोर्टल सरकारी विभागों में पत्रावलियों एवं फाइलों की डिजिटल मूवमेंट तथा ऑनलाइन निस्तारण की व्यवस्था उपलब्ध कराता है। अब इसी प्रणाली को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में भी लागू कर दिया गया है। इस पहल के साथ विश्वविद्यालय राजस्थान का पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जहां राजकाज पोर्टल के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों का संचालन प्रारम्भ किया गया है।

प्रणाली की सफल कार्यक्षमता का परीक्षण गुरुवार को किया गया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बी. सी. गर्ग ने राज काज पोर्टल के माध्यम से कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा को एक परीक्षण संदेश प्रेषित किया। कुलगुरु द्वारा तत्काल उसका उत्तर भी भेजा गया, जिससे प्रणाली की प्रभावशीलता और सुचारु कार्यप्रणाली का सफल परीक्षण हो सका।

इसके उपरांत कुलसचिव डॉ. गर्ग ने अपने डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग करते हुए विश्वविद्यालय सभागार की मरम्मत हेतु आवश्यक राशि के संबंध में जिला कलेक्टर के नाम एक आधिकारिक पत्र भी ऑनलाइन माध्यम से प्रेषित किया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि अब विश्वविद्यालय के प्रशासनिक निर्णय, पत्राचार और अनुमोदन प्रक्रियाएं डिजिटल हस्ताक्षरों के माध्यम से विधिवत संपन्न की जा सकेंगी।

कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा ने इस नई व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रशासन की यह पहल समय और श्रम दोनों की बचत सुनिश्चित करेगी। साथ ही प्रत्येक पत्र और फाइल की वास्तविक समय में निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि अब फाइलों एवं पत्रावलियों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक भौतिक रूप से पहुंचाने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी तथा कागज के उपयोग में भी उल्लेखनीय कमी होगी।

इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को डिजिटल फाइल प्रबंधन, ई-ऑफिस संचालन, डिजिटल हस्ताक्षर तथा ऑनलाइन पत्राचार की प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। इससे कर्मचारियों की कार्य दक्षता और तकनीकी क्षमता में भी वृद्धि होगी।

वर्तमान में इस व्यवस्था को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में प्रारम्भ किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार आगामी चरणों में इसे विश्वविद्यालय की अन्य संकायों, विभागों एवं इकाइयों में भी लागू किया जाएगा, जिससे संपूर्ण विश्वविद्यालय एकीकृत डिजिटल प्रशासन प्रणाली के अंतर्गत कार्य कर सकेगा।
यह पहल न केवल प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगी, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में एक नया उदाहरण भी प्रस्तुत करेगी।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.