जैसलमेर । राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहे हैं। इसका जीवंत उदाहरण ग्राम पंचायत गोमट में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिला, जहां एक बुजुर्ग की छह माह से बंद पड़ी वृद्धावस्था पेंशन को शिविर में ही पुनः शुरू कर राहत प्रदान की गई।
ग्राम गोमट निवासी करीमो /नूरदीन वृद्धावस्था पेंशन के पात्र लाभार्थी हैं। पिछले लगभग छह माह से अंगूठे के निशान का सत्यापन नहीं हो पाने के कारण उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद हो गई थी। नियमित आय का यह महत्वपूर्ण स्रोत बंद होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कई बार प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।
शुक्रवार को ग्राम पंचायत गोमट में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में करीमो ने अपनी समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी। शिविर प्रभारी एवं विकास अधिकारी पंचायत समिति सांकड़ा हनुमानराम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों द्वारा मौके पर ही पात्रता की जांच कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की गई एवं ओटीपी आधारित सत्यापन के माध्यम से उनकी पेंशन पुनः चालू कर दी गई। साथ ही पेंशन स्वीकृति आदेश (पीपीओ) भी उन्हें शिविर में ही उपलब्ध कराया गया।
लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होते ही करीमो के चेहरे पर खुशी और संतोष झलक उठा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी समस्या का समाधान इतनी जल्दी हो जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर वास्तव में आमजन के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने एवं उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने की दिशा में ग्रामीण सेवा शिविर प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत हो रहा है एवं सुशासन की अवधारणा को धरातल पर साकार किया जा रहा है।