राष्ट्रीय स्तर पर सेंट एंथनी स्कूल के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन

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Published on : 13 Jun, 26 18:06

"गौरी की गौरव गाथा" को मिला सर्वश्रेष्ठ बाल नाटक का प्रथम पुरस्कार

राष्ट्रीय स्तर पर सेंट एंथनी स्कूल के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन

उदयपुर। सेंट एंथनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उदयपुर के विद्यार्थियों ने शिमला स्थित ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में आयोजित 71वीं अखिल भारतीय नृत्य एवं नाटक प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय एवं राजस्थान का नाम गौरवान्वित किया।

विद्यालय की नाट्य प्रस्तुति "गौरी की गौरव गाथा" को प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ बाल नाटक (Best Children Drama Award) – प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। यह नाटक बालिका शिक्षा, सामाजिक रूढ़ियों एवं सकारात्मक परिवर्तन पर आधारित एक प्रेरणादायक प्रस्तुति थी, जिसे दर्शकों एवं निर्णायकों ने खूब सराहा।

प्रतियोगिता में विद्यालय के विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत श्रेणियों में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। मेहरोज हुसैन (रामलाल) को सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता, भाविनी भटनागर (गौरी) को सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेत्री, धीर शाह (मोहन) को तृतीय सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता, तनिष्क ओझा (मास्टरजी) को द्वितीय सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता तथा वंशिका चौहान (सीता) को विशेष अभिनय सम्मान प्रदान किया गया।

नाटक में कुल 15 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं उनकी भूमिकाएँ इस प्रकार रहीं— भाविनी भटनागर (गौरी, आनंदीबाई, पोती), मेहरोज हुसैन (रामलाल), वंशिका चौहान (सीता), तनिष्क ओझा (मास्टरजी), धीर शाह (मोहन), सिद्धार्थ शर्मा (लल्लू/मुखिया), वंश बादला (केसरलाल), भूमिका बंसल (चंदा), युवराज सिंह अरोड़ा (वैज्ञानिक, दुल्हा), हिरेन चोबिसा (तांत्रिक, टीचर 2), कृतार्थ शर्मा (चेला, गाँव वाला 4, झबरु), पियुषा भटनागर (बहू, नैरेटर), पूर्वांश गंगावत (गाँव वाला 2, पवन), नयन राज सिंह पंवार (गाँव वाला 3, राकेस) तथा प्रियंश चौधरी ने भी अपनी भूमिका का प्रभावशाली निर्वहन किया। सभी विद्यार्थियों ने अपने-अपने पात्रों को जीवंत बनाकर नाटक को अत्यंत प्रभावशाली बनाया।

गौरी के रूप में भाविनी भटनागर ने एक जागरूक एवं संघर्षशील बालिका का किरदार निभाया, मेहरोज हुसैन ने रामलाल के रूप में सामाजिक सोच से जूझते पिता की भूमिका प्रस्तुत की, वंशिका चौहान ने सीता के रूप में संवेदनशील एवं सहयोगी चरित्र को साकार किया, तनिष्क ओझा ने मास्टरजी के रूप में शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया, धीर शाह ने मोहन के रूप में सकारात्मक परिवर्तन के समर्थक युवक की भूमिका निभाई तथा सिद्धार्थ शर्मा ने मुखिया के रूप में समाज के नेतृत्वकर्ता का प्रभावशाली अभिनय किया। अन्य कलाकारों ने भी अपनी विविध भूमिकाओं के माध्यम से नाटक की कथा को सशक्त बनाया और दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की।

नाटक का निर्देशन एवं मंचन विद्यालय के नाट्य प्रशिक्षक विरेन्द्र सिंह रावत के मार्गदर्शन में किया गया। प्रस्तुति ने बालिका शिक्षा, वैज्ञानिक सोच एवं सामाजिक जागरूकता का सशक्त संदेश दिया।

विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


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