सुरों की मंडली में सजे सुरों के रंग, एस. पी. बालासुब्रह्मण्यम और सुमन कल्याणपुर के गीतों ने बांधा समां

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Published on : 13 Jun, 26 19:06

30 कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को पुराने सुनहरे दौर की दिलाई याद

सुरों की मंडली में सजे सुरों के रंग, एस. पी. बालासुब्रह्मण्यम और सुमन कल्याणपुर के गीतों ने बांधा समां

उदयपुर। सुरों की मंडली संस्था द्वारा आयोजित संगीतमय संध्या रविवार को संगीत प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। महान गायक एस. पी. बालासुब्रह्मण्यम और स्वर साम्राज्ञी सुमन कल्याणपुर को समर्पित इस विशेष कार्यक्रम में संस्था के 30 कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सदाबहार गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। आयोजन के सफल संचालन में महिला विंग की मधु केवलिया, नूतन वेदी, दिव्या सारस्वत एवं नीलम पाटवा की विशेष भूमिका रही।

संस्था के अध्यक्ष एवं संस्थापक मुकेश माधवानी ने कहा कि संगीत एक ऐसी सार्वभौमिक भाषा है जो दिलों को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि सुरों की मंडली का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि संगीत की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मधुर गीतों के साथ हुई और देर शाम तक सुरों का यह सिलसिला निरंतर चलता रहा। प्रेम, विरह, उत्साह और जीवन के विविध भावों से सजे गीतों ने ऐसा समां बांधा कि उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध होकर संगीत का आनंद लेते रहे। सभागार तालियों की गूंज और वाहवाही से सराबोर रहा।

संस्था के सचिव अरुण चौबीसा ने बताया कि सुरों की मंडली समय-समय पर ऐसे आयोजन कर महान गायकों की स्मृतियों को जीवंत रखने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि इस संध्या में प्रस्तुत गीतों ने सभी संगीत प्रेमियों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य किया।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में गीता सिंह, नूतन वेदी, कमल जुनेजा, माला चटवानी, नौरतम गौर, आराध्या, नीलम, एस. के. मेहता, कामिनी, सी. पी. जैन, दिव्या, मधु शर्मा, एल. के. जैन, मधु बाला, ज्योति मडियानी, नीलम पाटवा, मोना करवा, अशोक जोशी, महावीर, महेंद्र चावला, किशोर कुमार यादव, पवन शर्मा, अजय राठौड़, भगवती मेनारिया, निशा राठौड़, प्रकाश परसाई, संदीप, दिग्दर्शन भट्ट, पंकज आर्या एवं योगेश उपाध्याय ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय ने कहा कि संस्था संगीत साधना और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी कलाकारों और सहयोगियों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सी. पी. जैन एवं उपाध्यक्ष कैलाश केवल्या ने सभी कलाकारों, अतिथियों, सहयोगियों और संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।


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