41 दिवसीय धूणी तपस्या का हुआ भव्य समापन, हवन-यज्ञ व भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

( 565 बार पढ़ी गयी)
Published on : 14 Jun, 26 19:06

- संत गुरु लखवीर दास ने जनकल्याण के लिए की तपस्या

41 दिवसीय धूणी तपस्या का हुआ भव्य समापन, हवन-यज्ञ व भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

श्रीगंगानगर। सूरतगढ़ रोड स्थित श्रीनाथ होम्स परिसर में जनकल्याण, विश्व शांति की समृद्धि एवं मानवता के कल्याण के उद्देश्य से संत गुरु लखवीर दास द्वारा की जा रही 41 दिवसीय धूणी तपस्या का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में भव्य समापन हो गया। समापन अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रात:काल वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की। यज्ञ के दौरान पूरे परिसर में भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। संत गुरु लखवीर दास ने विधि-विधान के साथ धूणी तपस्या का समापन किया।
संत गुरु लखवीर दास ने कहा कि तप, त्याग और साधना भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने सभी लोगों से प्रेम, सद्भाव, सेवा और परोपकार की भावना के साथ जीवन जीने का आह्वान किया।
समापन समारोह के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था में सेवादारों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढक़र सहयोग किया। पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण एवं सामूहिक मंगलकामनाओं के साथ हुआ।
 


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.