रिकॉर्ड 87 प्रतिशत मतदान के साथ संपन्न हुए श्री वर्द्धमान जैन श्रावक समिति सेक्टर-3 के चुनाव,

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Published on : 16 Jun, 26 15:06

ललित कोठारी अध्यक्ष एवं संजय अलावत सचिव निर्वाचित

रिकॉर्ड 87 प्रतिशत मतदान के साथ संपन्न हुए श्री वर्द्धमान जैन श्रावक समिति सेक्टर-3 के चुनाव,


उदयपुर। श्री वर्द्धमान जैन श्रावक समिति सेक्टर-3 के वर्ष 2026-28 के लिए हुए चुनाव लोकतांत्रिक परंपराओं, सामाजिक एकजुटता और सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुए। चुनाव में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रिकॉर्ड मतदान किया और नई कार्यकारिणी के गठन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




चुनाव परिणामों में ललित कोठारी अध्यक्ष, संजय अलावत सचिव तथा महेन्द्र डागा कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए। इसके अलावा कार्यकारिणी के अन्य पदों पर सोहनलाल भानावत, हर्ष खाब्या, अशोक पोखरना, संजय बया एवं अरविन्द बाबेल को भी निर्वाचित किया गया। चुनाव संयोजक श्याम झगड़ावत, राजेश भानावत, प्रकाश झगड़ावत, ललित लोढ़ा एवं अनिल सिंघवी ने बताया कि चुनाव को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला। समिति के कुल 499 मतदाताओं में से 435 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो लगभग 87 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान है। इतनी बड़ी संख्या में मतदान होना समिति के प्रति सदस्यों के विश्वास और सक्रिय सहभागिता को दर्शाता है।
मुख्य चुनाव अधिकारी भंवर सेठ ने बताया कि संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया अत्यंत शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। मतदान से लेकर मतगणना और परिणाम घोषणा तक सभी कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सहयोग देने वाले सभी पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष ललित कोठारी ने समाजजनों द्वारा जताए गए विश्वास के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नई कार्यकारिणी समाज की एकता, धार्मिक गतिविधियों, युवा सहभागिता और सामाजिक विकास के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सभी को साथ लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने समिति के सर्वांगीण विकास एवं समाजहित के कार्यों को नई गति देने का संकल्प व्यक्त किया।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद समाजजनों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। पूरे चुनाव के दौरान सौहार्द, अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का जो उदाहरण देखने को मिला, वह समाज की परिपक्वता और संगठनात्मक मजबूती का परिचायक रहा। नई कार्यकारिणी से समाज को अनेक नई योजनाओं और रचनात्मक गतिविधियों की उम्मीदें हैं।


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