ज्ञान मंदिर समिति ने मनाया हीरक जयंती उत्सव

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Published on : 18 Jun, 26 04:06

जसोदाबेन मोदी ने किया छात्रावास का लोकार्पण, भामाशाहों, समाजसेवियों और पूर्व विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

उदयपुर। ज्ञान मंदिर समिति के हीरक जयंती वर्ष के शुभारंभ तथा नवनिर्मित छात्रावास भवन के लोकार्पण अवसर पर शनिवार को विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में समाजसेवियों, पूर्व छात्रों, भामाशाहों एवं विद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में रीको इंडस्ट्रियल एरिया धोल की पाटी स्थित कन्याशाला परिसर में नवनिर्मित छात्रावास भवन का लोकार्पण मुख्य अतिथि जसोदाबेन मोदी ने किया। समारोह की अध्यक्षता मुंबई के प्रख्यात उद्योगपति एवं समाजसेवी महेश भाई गांधी ने की। जसोदाबेन मोदी ने ज्ञान मंदिर समिति के छह दशक के शैक्षिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए छात्रावास को ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

इस अवसर पर ज्ञान मंदिर समिति एवं ‘सत्य’ (संन्यासाश्रम) समिति की कार्यकारिणी के सदस्यों के चयन एवं मनोनयन की प्रक्रिया भी संपन्न हुई।

दूसरे चरण में ज्ञान मंदिर विद्यालय, हिरण मगरी सेक्टर-4 में ‘स्वयं’ (पूर्व छात्र परिषद) का संगम संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व विद्यार्थियों ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियां साझा कीं और संस्था के विकास में निरंतर सहयोग का संकल्प लिया।

सायंकाल जसोदाबेन मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित सम्मान समारोह में पूर्व विद्यार्थियों, दानदाताओं और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समिति के संस्थापक टीकमचंद असावरा, उपाध्यक्ष ज्योत्स्ना शर्मा, अशोक करवा, प्रमोद झवर, डॉ. कमलकिशोर पोरवाल एवं प्रदीप पंवार ने विचार व्यक्त किए। दीपक पालीवाल ने रामचरितमानस की चौपाइयों की व्याख्या प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कुंजन आचार्य एवं संगीता पालीवाल ने किया, जबकि आभार लीला पालीवाल ने व्यक्त किया।

सम्मानित हुए भामाशाह और पूर्व विद्यार्थी

भामाशाह अलंकरण:
हिरण मगरी विद्यालय एवं छात्रावास में कक्ष और वार्डन कक्ष निर्माण में सहयोग देने वाले मुकेश भंसाली, श्रीमती शकुंतला जैन, किशनलाल कोठारी (बेंगलुरु) तथा रायचंद छाजेड़ (बेंगलुरु) का अभिनंदन किया गया।

ज्ञान वास्तु कलाश्री पुरस्कार:
छात्रावास निर्माण एवं उत्कृष्ट शिल्पकला में योगदान के लिए स्व. अविनाश गुप्ता, स्व. उपेश त्रिवेदी, श्रीमती दीपेन्ती भाटी तथा विक्रम पालीवाल को सम्मानित किया गया।

ज्ञान गौरव पुरस्कार:
मातृ संस्था के आदर्शों से प्रेरित होकर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पूर्व छात्र सुनील गांग, दिलीप जारोली, प्रमोद चपलोत, नरेन्द्र आमेटा, वंदना माली, दीपक तलेसरा एवं दीपक पालीवाल का नागरिक अभिनंदन किया गया।

 


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