उदयपुर। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत ग्राम पंचायत टीडी में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरण करना तथा युवाओं एवं समाज को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर जोगेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने बताया कि नशे की लत के कारण कई परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
इस अवसर पर विजयपाल सिंह सिसोदिया ने वर्तमान समय में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश का भविष्य है और उन्हें इस बुराई से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने जिला नशा मुक्ति केंद्र में उपलब्ध निशुल्क उपचार एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि नशे की गिरफ्त में आए लोग इन सुविधाओं का लाभ उठाकर स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आउटरीच वर्कर सुदर्शन सिंह एवं सागर बिलोची ने फील्ड में कार्य करते हुए प्राप्त अपने अनुभव ग्रामीणों के साथ साझा किए। उन्होंने बताया कि मजबूत इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग और सही मार्गदर्शन से अनेक लोग नशे की लत को छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौट चुके हैं।
अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों, युवाओं एवं अतिथियों को जीवनभर नशा मुक्त रहने तथा समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में आरोग्य सेवा संस्था के अन्य कर्मचारी, ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका मीणा, सरपंच बंसीलाल सहित अनेक ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण का संदेश दिया।