ग्रामीण सेवा शिविर की बदौलत वर्षों बाद आपसी सहमति से दोनों भाईयों को भूमि का मिला असली मालिकाना हक

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Published on : 18 Jun, 26 17:06

संवेदनशील सरकार के प्रति जताया आभार

        जैसलमेर। जिले मे चल रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 राजस्व के मामलों के  निस्तारण के लिए तो वरदान ही साबित हो रहे है। ऐसा ही मामला पोकरण उपखण्ड की ग्राम पंचायत बडली नाथूसर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखा गया जिसमें वर्षों बाद दोनों भाईयों को आपसी सहमति से बंटवारा शिविर में होने पर भूमि का असली मालिकाना हक मिला।

        बडली निवासी आईदान व केवलराम पुत्र गणेशाराम जाति मेघवाल को ग्रामीण शिविर की जानकारी मिली तो वे शिविर में उपस्थित होकर तहसीलदार पोकरण हजराराम को आपसी सहमति से भूमि बंटवारें के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। तहसीलदार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल ही पटवारी को बंटवारे के संबंध में कागजात तैयार करने के निर्देश दिये। शिविर में ही गणेशाराम की 240 बीघा भूमि के उनके पुत्र आईदान व केवलराम के नाम से दर्ज कर आपसी सहमति से बंटवारा प्रकरण तैयार किया गया।

       इस प्रकार तहसीलदार ने शिविर में मजमें ए आम  से दोनों भाईयों के सबंध मंे पूरी जानकारी ली एवं हाथों-हाथ कागजात तैयार कर आपसी से सहमति बंटवारा के कागजात तैयार कर दोनो भाईयों को उनके हिस्से की आधी-आधी भूमि का हक प्रदान किया गया एवं तरमीम की गई। वर्षो से दोनों भाईयों में भूमि के लिए चल रहे आपसी विवाद शिविर की बदौलत हाथों-हाथ खत्म हो गया यही नही उनकी संतानों में भी प्रेम का संदेश फैल गया। शिविर में ही दोनों भाईयों को उनके हिस्से की जमीन के नवीन जमाबंदी के कागजात भी प्रदान कर दिये गये। जमीन का असली मालिकाना हक मिलने से अब आईदान व केवलराम अपने-अपने नाम से केसीसी के साथ ही कृषि विभाग की अनुदानित योजनाओं का लाभ भी पूरा-पूरा प्राप्त कर सकेगें।

      आईदान व केवलराम को तहसीलदार ने भूमि के बंटवारे के संबंध कागजात तैयार कर उनकों जैसे ही सौंपें तो उनके चेहरो पर खुशी छा गई एवं उनके पूरे परिवार ने शिविर प्रभारी के साथ ही संवेदनशील सरकार के प्रति अंतर्मन से आभार जताया एवं कहा कि भूमि के बंटवारे के मामले में ग्रामीण सेवा शिविर वास्तव में वरदान साबित हो रहे है।


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