21वें कल्याण महाकुंभ का भव्य आयोजन 1 जुलाई से

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Published on : 19 Jun, 26 18:06

21वें कल्याण महाकुंभ का भव्य आयोजन 1 जुलाई से

चित्तौडगढ। श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ एवं शोध संस्थान तथा श्री कल्लाजी मंदिर मण्डल न्यास द्वारा आागमी 1 से 8 जुलाई तक 21वें यानि एकविंशति कल्याण महाकुंभ का भव्य आयोजन कल्याण नगरी निम्बाहेडा में किया जा रहा है जिसकी व्यापक स्तर पर तैयारियां जारी है। वेदपीठ के पदाधिकारियों ने ऋतुराज वाटिका में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि महाकुंभ के जनजागरण के उद्देश्य से ज्येष्ठ शुक्ला सप्तमी रविवार 21 जून को कमधजनगर स्थित श्री कल्लाजी के मंदिर से आध्यात्मिक कल्याण महापदयात्रा निकाली जाएगी। जो दुर्ग मार्ग स्थित द्वितीय पोल के समीप ठाकुर जी श्री कल्लाजी के स्मारक तक आयोजित होगी। अपनी प्रकार की इस अनूठी महापदयात्रा में कल्याण नगरी निम्बाहेडा सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों एवं मार्ग के श्रद्धालुओं द्वारा हजारों की संख्या में भागीदारी निभाई जाएगी।

श्री लिंग महापुराण पारायण में 109 श्रद्धालुओं की रही भागीदारी
कल्याण महाकुंभ के 21वें महोत्सव के दौरान ठाकुर श्री की प्रेरणा से इस वर्ष 15वें महापुराण के रूप में श्री लिंग महापुराण की कथा का आयोजन होगा जिसके लिए चैत्र शुक्ला प्रतिपदा से अब तक 109 यजमानों की ओर से मंदिर परिसर में आचार्यो एवं बटुकों द्वाराविधि विधान से पुजा के साथ श्री लिंग महापुराण का पारायण किया जा रहा है जो आगामी 30 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान 1331 नमक चमक से भगवान आशुतोष का विशेष अभिषेक एवं सवा करोड़  जाप के लक्ष्य से त्रिगुण 3 करोड़ पंचाक्षरी मंत्र के जाप आचार्यो बटुकों एवं श्रद्धालुओं द्वारा किये जा चुके है जो ज्येष्ठ शुक्ला पूर्णिमा तक जारी रहेंगे।

कलशोत्सव एवं शोभायात्रा के साथ महाकुंभ का भव्य शुभारंभ 1 जुलाई को
अष्ठ दिवसीय श्री कल्याण महाकुंभ के प्रथम दिवस आषाढ़ कृष्णा प्रतिपदा बुधवार 1 जुलाई को दशहरा मैदान से विशाल अनूठी एवं अद्भूत कलशोत्सव एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी।  जिसकी व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही है। इस शोभायात्रा में मुंबई के विशेष बैण्ड के साथ स्थानीय 21 मालवीय ढोल विभिन्न देशभक्ति  व शिवमय से परिपूर्ण  झांकिया, 11 बैण्ड, 51 अश्व एवं ऊंट, 200 गांवो की प्रभात फैरियों के अलावा मेवाड़, मालवा, गुजरात, मारवाड सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों कल्याण भक्त अपनी सहभागिता निभायेंगे। अपने प्रकार के इस अनूठे आयोजन कल्याणनगरी वासी भी पलक पावड़े बिछाकर ठाकुर जी के रथ की अगवानी करते हुए पूजा अर्चना कर शोभायात्रा में भागीदार भक्तों की मान मनुहार के लिए तैयारियों में जुटे हुए है। लगभग 5 किलोमीटर की शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए मंदिर परिसर पर संपन्न होगी।

लिंग महापुराण कथा 1 जुलाई से
15वें पुराण के रूप में श्री लिंग महापुराण कथा वेदपीठ परिसर में आवन्तर पीठ भानपुरा के शंकराचार्य जगतगुरू  स्वामी श्री ज्ञानानंद तीर्थ के  मुखारविंद से अपरान्ह 3 बजे से निश्रित की जायेगी। संभवतः प्रदेश एवं मेवाड में यह प्रथम अवसर होगा कि भगवान शिव को समर्पित शिवलिंग महापुराण कथा का यहां आयोजन किया जारहा है। इस कथा के माध्यम से स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ शिवलिंग यानि भगवान शिव के सुक्ष्म निराकार रूप सदाशिव पराशक्ति, शक्तिपीठ, त्रिपुण्ड, ब्रम्हापीठ, विष्णुपीठ के साथ लिंगोद्धव कथा का अमृतपान करायेंगे।

पंचदिवसीय 51 कुण्डीय श्री अतिरूद्र महायज्ञ 4 जुलाई से
इस वर्ष कल्याण महाकुंभ भगवान शिव को समर्पित होने से पंच दिवसीय 51 कुण्डीय श्री अतिरूद्र महायज्ञ आषाढ़ कृष्णा चतुर्थी से अष्टमी तक यानि 4 से 8 जुलाई तक प्रातः 7 बजे से आयोजित किया जाएगा । जिसमें 1500 यजमानों द्वारा शाकल्य एवं गौघृत की आहुतियां देकर सर्वत्र खुशहाली की कामना की जाएगी।

महाकुंभ में विशिष्ठ अतिथियों की भागीदारी
 कल्याण महाकुंभ में इस वर्ष विशिष्ठ अतिथियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वेदपीठ की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्रीभजनलाल शर्मा, मुख्य सचिव, मेवाड़ महाराणा विश्वराज सिंह, महाराणी साहिबा महिमा कुमारी, जिले के सांसद सी पी जोशी सहकारिता मंत्री गौतम दक समस्त विधायक अधिकारियों एंव जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

प्राकट्योत्सव एवं दिव्य दर्शन आषाढ़  कृष्णा अष्टमी को
कल्याण महाकुंभ के अंतिम दिवस आषाढ़ कृष्णा अष्टमी यानि 8 जुलाई को दोपहर 12ः32 बजे कल्याणनगरी के राजाधिराज ठाकुरश्री कल्लाजी सहित पंचदेवों स्कंदमाता, गायत्रीमाता, पंचमुखी हनुमानजी एवं काल भैरव की श्रद्धापुरित प्रतिमाओं के दिव्य दर्शन हजारों श्रद्धालु करेंगे। इससे पूर्व मंदिर पर ध्वजारोहण एवं महाआरती की जाएगी। वहीं यज्ञ की महापुर्णाहुति भी होगी। इस अवसर पर यज्ञ में भागीदारी निभाने वाले यजमानों के साथ अन्य कल्याण भक्त भी अपने प्रकार के अनुठे मातृ पितृ पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

प्रतिदिन संगीतमय भजन संध्या
महाकुंभ के दौरान प्रतिदिन ठाकुर जी की संध्या महाआरती के पश्चात रात्रि 8 बजे से संगीतमय भजन संध्या व कवि सम्मलेन का आयोजन होगा। जिसके लिए विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिष्ठित कलाकारों एवं भजन मण्डलियों को आमंत्रित किया गया है। वेठपीठ के पदाधिकारियों ने पत्रकार बंधुओं से आग्रह किया कि अपने प्रकार के इस अनूठे आयोजन को भव्यता प्रदान करने में अपना अमूल्य सहयोग कर अनुग्रहित करें।


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