नई दिल्ली। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीण कुमार ने गुरुवार को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के न्यू दादरी से न्यू डाबला तक विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं एवं बिजनेस डेवलपमेंट पहलुओं का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने, फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन क्षमता को बढाने तथा रिन्यूएबल एनर्जी को और कैसे बेहतर किया जा सकता है उसकी समीक्षा की गई।
श्री प्रवीण कुमार ने अपने दौरे की शुरुआत न्यू दादरी से की, जहां उन्होंने आरओबी-191एच तथा आईएमडी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजनाओं के विभिन्न तकनीकी एवं परिचालन पहलुओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को सभी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद इसे शुरु करने का निर्देश दिए। उन्होंने आईएमडी सुविधा की तैयारियों की भी समीक्षा की तथा इसके शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंधने अधिकारियों को कई अन्या दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने प्रगति एवं लंबित कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने रेल कार के माध्यिम से न्यू दादरी-न्यू रेवाड़ी सेक्शन का निरीक्षण किया, जिसके दौरान उन्होंने विभिन्न बिजनेस डेवलपमेंट पहलों की समीक्षा की तथा फ्रेट ट्रैफिक बढ़ाने एवं कॉरिडोर यूटिलाइजेशन को और बेहतर बनाने पर चर्चा किया।
श्री प्रवीण कुमार ने डीएफसीसीआईएल की न्यू रेवाड़ी ट्रक्स-ऑन-ट्रेन सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एफएमपी वैगनों की संशोधित रेक के परिचालन का शुभारंभ किया। इसका पुनः डिजाइन किया गया है। लो-फ्लोर वैगन तैयार किया गया है। फ्लोर की ऊँचाई 975 मिमी है, कमर्शियल एवं डिफेंस वाहनों के निर्बाध परिवहन को नॉन-ओडीसी लोड के रूप में संभव बनाते हैं। 60 टन तक की वहन क्षमता वाले ये वैगन उच्च क्षमता एवं दक्ष रेल-आधारित फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन समाधान प्रदान करते हैं।
प्रबंध निदेशक ने रेक के लिए विकसित उन्नत लोडिंग एवं सिक्योरिंग व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स से प्राप्त फीडबैक के आधार पर डीएफसीसीआईएल ने आरडीएसओ के सहयोग से एक सरल एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल लैशिंग सिस्टम विकसित किया है। संशोधित डिजाइन में वाहनों के भार वर्ग के अनुसार लैशिंग आवश्यकताओं का अनुकूलन किया गया है, जिसमें छोटे वाहनों के लिए लाइट-ड्यूटी लैशिंग व्यवस्था तथा 45 टन से अधिक भार वाले ट्रक लोड के लिए हेवी-ड्यूटी सिक्योरिंग सिस्टम शामिल हैं।
श्री प्रवीण कुमार ने न्यू रेवाड़ी स्टेशन पर रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी मॉडल के तहत विकसित किए जाने वाले सोलर पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया। यह परियोजना डीएफसीसीआईएल के इन्फ्रास्ट्रक्चर में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है। इसके बाद उन्होंने कॉरिडोर के विभिन्न सेक्शनों का निरीक्षण किया। न्यू अटेली में श्री प्रवीण कुमार ने डीएफसीसीआईएल की स्व-वित्तपोषित सोलर पावर परियोजना का उद्घाटन किया, जिसे सीएपीईएक्स मॉडल के तहत विकसित किया गया है। उन्होंने पर्यावरणीय रूप से सस्टेनेबल एवं ऊर्जा-कुशल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के प्रति डीएफसीसीआईएल की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
दोपहर में श्री प्रवीण कुमार ने न्यू अटेली-न्यू डाबला सेक्शन का निरीक्षण किया तथा नांगल चैधरी स्थित एनआईसीडीसी के गति शक्ति कार्गो टर्मिनल का भी निरीक्षण किया, जिसे इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने टर्मिनल की प्रगति, रेल कनेक्टिविटी व्यवस्थाओं तथा क्षेत्र में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने की इसकी संभावनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इन्फ्रास्ट्रक्चर) श्री मनीष के. अवस्थी, जीजीएम (बिजनेस डेवलपमेंट एंड बिजनेस एनालिटिक्स) श्री एस. पी. वर्मा, जीजीएम (इलेक्ट्रिकल) श्री रणविजय सिंह, जीजीएम (सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशंस) श्री विकास श्रीवास्तव, एजीएम (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंसद्धय नोएडा यूनिट क्षेत्राधिकार के लिए श्री सुदीप प्रसाद, सीजीएम/नोएडा श्री अनुराग यादव तथा जयपुर यूनिट क्षेत्राधिकार के लिए श्री राजेंद्र सिंह चैधरी, सीजीएम/जयपुर सहित जीजीएम (मैकेनिकल) श्री प्रशांत कुमार, न्यू रेवाड़ी में इस निरीक्षण दौरे से जुड़े। नांगल चैधरी स्थित एनआईसीडीसी के जीसीटी के निरीक्षण के दौरान डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अनिरुद्ध यादव तथा श्री संजीत सिंह चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, एनआईसीडीसी हरियाणा मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स हब प्रोजेक्ट लिमिटेड भी उपस्थित रहे।