मेंटेनेंस सुविधाओं को अत्याधुनिक और उत्कृष्ट बनाने के लिए मेगा कोचिंग टर्मिनल, खातीपुरा का भी करेंगे शुभारम्भ

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Published on : 20 Jun, 26 19:06

मेंटेनेंस सुविधाओं को अत्याधुनिक और उत्कृष्ट बनाने के लिए मेगा कोचिंग टर्मिनल, खातीपुरा का भी करेंगे शुभारम्भ

जयपुर। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी श्री अश्विनी वैष्णए मंत्री तथा केन्द्रीय कानून एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल 21 जून 2026 को प्रातः 9 बजे बीकानेर स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बीकानेर (लालगढ़)-अमदावाद (साबरमती) एक्सप्रेस को तथा दोपहर 3 बजे खातीपुरा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जयपुर-दरभंगा अमृत भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
 खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम मे केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव मेंटेनेंस सुविधाओं को अत्याधुनिक और उत्कृष्ट बनाने के लिए मेगा कोचिंग टर्मिनल, खातीपुरा का भी शुभारम्भ करेंगे। तथा उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं के विस्तार में अहम कदम, 41 छोटे एवं मध्यम स्टेशनों पर नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म उन्नयन एवं विस्तार तथा 16 स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली का भी लोकार्पण करेंगे।
 बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री सुमित गोदारा, विधायक, बीकानेर (पूर्व) सुश्री सिद्धी कुमारी, विधायक, बीकानेर (पश्चिम) श्री जेठानन्द व्यास, विधायक डूंगरगढ श्री ताराचंद, विधायक खाजूवाला श्री विश्वनाथ मेघवाल, विधायक-नोखा श्रीमती सुशीला रामेश्वर डूडी उपस्थित रहेगे।
इसी प्रकार खातीपुरा में आयोजित कार्यक्रम में सांसद (राज्यसभाए) श्री घनश्याम तिवाड़ी, सासंद जयपुर श्रीमती मंजू शर्मा एवं विधायक बगरू श्री कैलाश चंद वर्मा उपस्थित रहेगे।
जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस
भारतीय रेल द्वारा संचालित जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस राजस्थान और बिहार के बीच संपर्क को नई गति प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण रेल सेवा है। यह ट्रेन यात्रियों को संरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगी। विशेष रूप से रोजगार, शिक्षा, व्यापार और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले यात्रियों को इस रेल सेवा से लाभ मिलेगा।
 अमृत भारत एक्सप्रेस भारतीय रेल द्वारा शुरू की गई एक आधुनिक, तेज एवं यात्री-केंद्रित रेल सेवा है, जिसका उद्देश्य देश के आम यात्रियों को बेहतर सुविधाओं के साथ आरामदायक और किफायती यात्रा उपलब्ध कराना है। यह ट्रेन भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अमृत भारत एक्सप्रेस में अत्याधुनिक कोच लगाए गए हैं, जो संरक्षित, आरामदायक तथा उच्च गति के अनुरूप डिजाइन किए गए हैं। ट्रेन में बेहतर द्वितीय शयनयान एवं साधारण श्रेणी कोच, एलईडी प्रकाश प्रणाली, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट आधुनिक सूचना एवं उद्घोषणा प्रणाली तथा स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोचों में सीसीटीवी कैमरे एवं अन्य उन्नत सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
 जयपुर, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और औद्योगिक विकास के लिए प्रसिद्ध है, वहीं दरभंगा मिथिला संस्कृति, शिक्षा और ऐतिहासिक महत्व का प्रमुख केंद्र है। यह रेल सेवा दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुगम बनाते हुए सांस्कृतिक आदान.प्रदान और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। यह ट्रेन राजस्थान में कार्यरत बिहार के प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों और व्यवसायियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी। साथ ही, बिहार और राजस्थान के बीच पर्यटन एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। अब यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और किफायती यात्रा का विकल्प प्राप्त होगा। जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ते हुए ‘‘विकसित भारत’’ के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बीकानेर (लालगढ़)-अहमदाबाद (साबरमती) एक्सप्रेस
बीकानेर (लालगढ़)-अहमदाबाद (साबरमती) एक्सप्रेस नई रेल सेवा गुजरात के अहमदाबाद और राजस्थान के बीकानेर के बीच सीधा, तेज और सुविधाजनक रेल सम्पर्क उपलब्ध कराएगी। यह नई एक्सप्रेस ट्रेन पश्चिम भारत के दो प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी। गुजरात के प्रसिद्ध साबरमती रिवरफ्रंट, मोढेरा सूर्य मन्दिर, पाटन की रानी की बाव और अहमदाबाद की समद्ध विरासत का आनंद लेना हो या फिर राजस्थान के भव्य जूनागढ़ किला, करणी माता मन्दिर, लालगढ़ पैलेस तथा बीकानेर की समद्ध संस्कृति और मरुस्थलीय पर्यटन का अनुभव करना हो, यह नई एक्सप्रेस यात्रियों को सुविधाजपनक और सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी।
 नई ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन और बनासकांठा जिलों तथा राजस्थान के जालौर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर जिलों को लाभ पहुँचाएगी। ट्रेन के प्रमुख ठहराव साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीन माल, मोदरान, जालौर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड़, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़ होंगे। लगभग 740 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह नई एक्सप्रेस सेवा के प्रारंभ होने के साथ ही बीकानेर से अहमदाबाद तक दैनिक एक्सप्रेस रेल सम्पर्क स्थापित हो जाएगा। इस दैनिक ट्रेन सेवा से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को विशेष सुविधा प्राप्त होगी। यह ट्रेन दोनों राज्यों के क्षेत्रीय विकास, आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
 रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी और आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के 77 स्टेशनों पर लगभग 4100 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। 5 स्टेशनों को पुनर्विकसित कर आमजन के लिए उपलब्ध करवा दिए गए है। शेष स्टेशनों पर कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। इसमें स्टेशन भवन उन्नयन, प्रवेश और निकास द्वार पर पोर्च का निर्माण, सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, पर्याप्त और सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था, प्रवेश हॉल, वेटिंग हॉल, स्टेशन भवन के अग्रभाग का सुधार, नए प्लेटफार्म शेल्टर, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं के साथ नए शौचालय ब्लॉक, वाटर बूथ, बेहतर साइनेज, प्लेटफार्म पर कोच इंडिकेशन बोर्ड और 12/6 मीटर चौड़े एफओबी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही है। इसके साथ ही उत्तर पश्चिम रेलवे के दूरदराज क्षेत्रों में स्थित स्टेशनों (अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास के अलावा) पर यात्री सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के 41 छोटे एवं मध्यम स्टेशनों पर विभिन्न विकास कार्य किए गए है। इन स्टेशनों पर नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म उन्नयन और विस्तार के कार्य किए गए है तथा 16 स्टेशनो पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली की शुरूआत की गई है। इन कार्यों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, संरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
मेंटेनेंस सुविधाओं को अत्याधुनिक और उत्कृष्ट बनाने के लिए मेगा कोचिंग टर्मिनल, खातीपुरा
जयपुर निरंतर विकास और विस्तार की ओर अग्रसर हो रहा है, जयपुर शहर के बढते आकार और आमजन की परिवहन आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं बनाई गई है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने, स्टेशनों के पुनर्विकास तथा ट्रेनों की हँडलिंग क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से रेलवे लगातार अपने बुनियादी ढाँचे को सुदढ़ कर रही है। यही प्रयास आने वाले समय में यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगे।
 मेंटेनेंस सुविधाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए खातीपुरा स्टेशन पर 205 करोड़ रूपये की लागत से मेगा कोचिंग टर्मिनल का निर्माण किया गया है। मेगा कोचिंग टर्मिनल के निर्माण से सभी प्रकार की ट्रेनों जैसे वंदे भारत, डेमू, एलएचबी रेक और अन्य सभी प्रकार की ट्रेनों के रेक का अनुरक्षण कार्य एक ही स्थान पर किया जा सकेगा। खातीपुरा स्टेशन पर कोचिंग मेंटेनेंस सुविधाओं के विस्तार के तहत व्यापक कार्य किए गए हैं। नवनिर्मित मेगा कोचिंग टर्मिनल नई रेल लाइनों, वॉशिंग पिट, स्टेबलिंग लाइनों तथा आधुनिक तकनीकी संसाधनों के साथ इस परिसर को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करता है। यह कार्य न केवल ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि जयपुर जंक्शन पर बढ़ते परिचालन दबाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
 मेगा कोचिंग टर्मिनल में 2 वॉशिंग लाइन, 2 इंस्पेक्शन बे लाइन, भारी मरम्मत के लिए 2 लाइन का कवर्ड शेड, 7 स्टेबलिंग लाइन तथा 1 व्हील लेथ लाइन का निर्माण किया गया है। ये सभी सुविधाएँ ट्रेनों के अनुरक्षण कार्य को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और समयबद्ध बनाएंगी। मेंटेनेंस सुविधाओं को अत्याधुनिक टेक्नोलाजी का उपयोग कर उत्तर पश्चिम रेलवे पर पहली बार बोगी ड्रॉप पिट मशीन लगाई गई है जिससे रेक मेंटेनेंस समय में बचत होगी तथा कार्य सुगम होगा। इसके साथ ही रिट्रेक्टबल ओएचई की स्थापना से मैंटीनेंस एक्टिव में तेजी आएगी। मेगा कोचिंग टर्मिनल में स्थापित किया गया है। इसके साथ आधुनिक एवं मॉडर्नाइज्ड क्रेन, व्हील लेथ, आटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट और जैसी एडवांस टेक्नोलाजी युक्त मशीने भी उपलब्ध करवाई गई है, जिससे मेंटेनेंस की गुणवत्ता बढेगी और संरक्षा मे और अधिक सुधार आएगा।
 इन सभी अत्याधुनिक तकनीकों और सुविधाओं के समावेश से मेगा कोचिंग टर्मिनल रेलवे अनुरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा। बेहतर गुणवत्ता, अधिक संरक्षा और कम समय में अधिक रेकों के अनुरक्षण की क्षमता भविष्य में इस क्षेत्र में अधिक ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारतीय रेल आधुनिक अवसंरचना, तकनीकी नवाचार और उत्कृष्ट यात्री सुविधाओं के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। मेगा कोचिंग टर्मिनल इसी संकल्प का एक सशक्त प्रतीक है, जो भविष्य की रेल सेवाओं को नई दिशा और नई गति प्रदान करेगा।


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