फानूस बन कर जिसकी हिफाज़त हवा करे,    वो शमा क्या बुझे जिसे रौशन खुदा करे।

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Published on : 22 Jun, 26 08:06

फानूस बन कर जिसकी हिफाज़त हवा करे,    वो शमा क्या बुझे जिसे रौशन खुदा करे।

ये शेर प्रेरणादायक शेरों में से एक है और मौजूदा हालात में मुंबई की धरती पे बतौर राज नेता समाजसेवी और फिल्मकार क्रियाशील सलीम खान पर अक्षरशः फिट बैठता है। फ़िरोज़ाबाद (उत्तरप्रदेश) जन्मे पले बढ़े सलीम खान पिछले 25 वर्षों से महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के संरक्षण  में संचालित महाराष्ट्र नव निर्माण कामगार / कर्मचारी सेना, बी एम सी प्रशाखा के सचिव के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद से सलीम खान फिलवक्त मुंबई में फिल्मकारों व आमजनों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। रेस्टोरेंट, मीडिया और फिल्म विधा से जुड़े लोगों से लिए स्वयं लोखंडवाला, अंधेरी(पश्चिम) में व्यावसायिक स्तर पर क्रियाशील रहते हुए सलीम खान किसी भी तरह की समस्याओं के निदान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। बिलव्ड चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वाधान में उनके द्वारा खंडाला में ओल्ड एज होम के संचालन हेतु 100 बंगलो के निर्माण कार्य को तीव्रगति से मूर्तरूप दिया जा रहा है। विदित हो कि कई वर्षों से उनके कला कौशल और प्रबंधन क्षमता को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से उनको अपने साथ शामिल करने का प्रयास जारी था परन्तु महाराष्ट्र के चर्चित राजनेता और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के सुप्रीमो राज ठाकरे से एक छोटी सी मुलाकात के दौरान सलीम खान काफी प्रभावित हुए और उन्हें महाराष्ट्र नव निर्माण सेना की सदस्यता स्वीकार कर ली। महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के नंद किशोर तलवाडेकर और संदीप देशपांडे के प्रति अपना आभार प्रकट करते हुए समाजसेवी मनसे नेता सलीम खान मनसे सुप्रीमो राज ठाकरे के साथ हुए मुलाकात की विस्तृत चर्चा करते हुए कहते हैं "महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के द्वारा जनहित में पूर्व संचालित मनसे भोजनालय (फ़्री फूड डिस्ट्रीब्यूशन ) जैसी कई तरह की नई कल्याणकारी योजनाओं को बहुत जल्द ही शुरू की जाएगी।"


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