20 दिवसीय सिन्धी बाल संस्कार शिविर मे 450 से अधिक शिक्षार्थीयो ने भाग लिया

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Published on : 22 Jun, 26 18:06

20 दिवसीय सिन्धी बाल संस्कार शिविर मे 450 से अधिक शिक्षार्थीयो ने भाग लिया

उदयपुर । भारतीय सिन्धु सभा उदयपुर, श्री बिलोचिस्तान पंचायत एवं सिन्धी सेन्ट्रल युवा सेवा समिति उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान मे 20 दिवसीय सिन्धी बाल संस्कार शिविर 2026 का समापन समारोह शक्तिनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री झूलेलाल,भारतमाता महाराजा दाहिरसेन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर की गई।रमा खियाणी के सिन्धि अबाणी बोली गीत एवं एंजल सुखवानी के मनमोहक नृत्य गणेश वन्दना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सभा के अध्यक्ष गुरुमुख कस्तूरी एवं महामंत्री विजय आहुजा ने बताया कि 450 से अधिक बच्चों एवं 30 शिक्षकों की भागीदारी वाले इस शिविर के समापन समारोह मे प्रतिभागियों ने सिंध की संस्कृति एवं सभ्यता पर आधारित नृत्य, नाटक, एवं गीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन कर सभागार को सिन्धमय बना दिया।सभी‌ ने बच्चों की आकर्षक प्रस्तुति पर करतल ध्वनि से स्वागत किया। 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी प्रकाश बिलोची एवं विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश मिनाक्षी बिलोची ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी पुरातन संस्कृति से जोड़ने, सिन्ध के महापुरुषों,वीर सपूतों का ज्ञान कराने का अभूतपूर्व प्रयास है।
 श्री झूलेलाल सेवा समिति के अध्यक्ष प्रताप राय चुग ने अपने उद्बोधन मे कहा कि कई वर्षों से भारतीय सिन्धु सभा सिन्धी बोली संस्कृति को बचाने के लिए विविध कार्यक्रम कर रही है।बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिए शिविर लगाती है।समाज के सभी लोगो को उन्हें सहयोग करना चाहिए। सिन्धी सेन्ट्रल युवा सेवा समिति के महामंत्री मुकेश खिलवानी एवं श्री झूलेलाल सेवा समिति के महामंत्री मनोज कटारिया ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए बच्चों को अपनी संस्कृति एवं सभ्यता विरासत के संरक्षण का सन्देश दिया। उन्होंने कहा वर्तमान समय मे ऐसे आयोजनों मे बच्चों मे आत्मविश्वास बढ़ाने ,समाजिक चेतना विकसित करने और सेवा भावना जागृत करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की शिक्षा प्राप्त होती है। प्रदेश संरक्षक सुरेश कटारिया एवं संभाग प्रभारी प्रकाश फुलानी ने बताया कि सिन्धुपति महाराजा दाहिरसेन के 1314 वे बलिदान दिवस भक्ति और गौरव के साथ मनाया गया।
दाहेरसेन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विशिष्ट अतिथि हरीश तलरेजा ने महाराजा दाहिरसेन के जीवन पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा लेह लद्दाख से लौटे तीर्थ यात्रीयो का अभिवादन किया। सिन्धु नदी से लाए जल एवं शिलाओं का श्री वासूराम दरबार के संत साधूराम ने पूजन करवाया, उन्होंने कहा कि अधिक मास मे पवित्र सिन्धु माता के दर्शन और पवित्र जल का पूजन करना सर्वश्रेष्ठ है, सिन्धु नदी का पवित्र जल घर और सार्वजनिक मन्दिरों मे रखना चाहिए।
   इस अवसर पर शिकार‌पुर पंचायत के संरक्षक लक्ष्मण दास बजाज, सुनील शिकारपुरी, झूलेलाल सेवा समिति के अध्यक्ष प्रताप राय चुग, कमलेश चैनानी, टेकरी पंचायत के महासचिव प्रेम तलरेजा,हरीश कामरा,कमल तलरेजा, हरीश चावला, हीरानंद चैनानी, कमलेश चैनानी, प्रकाश मोटवानी,दीपक रंगवानी,लज्जा रामेजा, मोहिनी साधवानी, भारती गेरा,रमा खियाणी ,रिया कस्तूरी आदि उपस्थित थे।
    कार्यक्रम का संचालन मीनल पुरुस्वानी एवं मीनाक्षी कस्तूरी ने किया।


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