उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय पर न्यायिक प्रकरणों की समीक्षा बैठक का आयोजन

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Published on : 24 Jun, 26 04:06

उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय पर न्यायिक प्रकरणों की समीक्षा बैठक का आयोजन

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, जयपुर में मंगलवार को लम्बित न्यायिक प्रकरणों की मासिक समीक्षा बैठक का आयोेजन किया गया।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय पर न्यायिक प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोेजित की गई। बैठक के दौरान अपर महाप्रबंधक श्री अशोक माहेश्वरी ने रेलवे बोर्ड के दिशा निर्देशों की पालना करने के क्रम में लिम्बस पोर्टल पर कोर्ट केसेस को रियल टाइम बेसिस पर अद्यतन करने, पेंडिंग कोर्ट केस से संबंधित दस्तावेज तुरंत अपलोड करने एवं मासिक कम्प्लायंस रिपोर्ट हर महीने के आखिरी दिन प्रधान कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए साथ ही लम्बित अवमानना प्रकरणों पर चिंता जाहिर करते हुए इनके शीघ्र निपटान के निर्देश दिए।
श्री माहेश्वरी ने उपस्थित मुख्य विधि सहायकों को यह भी निर्देश दिए कि न्यायिक प्रकरणों में जवाब निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत किए जाएं और सिविल न्यायालयों के आदेशों की अनुपालना समय सीमा के भीतर सुनिश्चित की जाए, ताकि माननीय न्यायालय के आदेशों की अवमानना के अवसर न्यूनतम रहें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हाई वैल्यू से सम्बंधित प्रकरणों के जवाब दावे माननीय न्यायलय में दाखिल करने से पूर्व, विभागाध्यक्ष का अनुमोदन लिया जाए ताकि माननीय न्यायालय के समक्ष सही तथ्यो को प्रस्तुत कर रेलवे के हितो की रक्षा की जा सके।
बैठक के प्रारम्भ में उप महाप्रबंधक (विधि) श्री प्रतुल सारोलिया ने लिम्बस पोर्टल पर कोर्ट केसेस को  रियल टाइम बेसिस पर अद्यतन करने पर जोर देते हुए सभी प्रकरणों से सम्बंधित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने तथा एक्सेप्शन रिपोर्ट को तुरंत क्लियर करने, लिम्बस पोर्टल पर दर्ज सभी प्रकरणों की सही स्तिथि अपडेटेड करने, कोर्ट केसेस का जवाब दावा माननीय कोर्ट में समय पर दाखिल करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि न्यायिक मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु रेलवे अधिवक्ताओं के साथ आंतरिक मीटिंग नियमित रूप से आयोजित की जाये। उप महाप्रबंधक (विधि) द्वारा पेंडिंग सभी अवमानना प्रकरणों की समीक्षा की तथा इन प्रकरणों के सम्बन्ध में नामित अधिवक्ता से लगातार समनव्यय रखने पर जोर दिया ताकि ऐसे प्रकरणों में माननीय न्यायालय के प्रतिकूल आदेशों से बचा जा सके।
बैठक के दौरान सचिव, अपर महाप्रबंधक श्री दीपक अग्रवाल द्वारा आर्बिट्रेशन से सम्बंधित न्यायायिक प्रकरणों के डाटा बेस को सही रूप से अध्यतन करने, वर्तमान में लंबित आर्बिट्रेशन प्रक्रिया पर नजर रखने पर जोर दिया ताकि अवार्ड जारी होने पश्चात उसे लागू करने या मानयीय न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय निर्धारित समय सीमा में लिया जा सके।
समीक्षा बैठक के अंत में अपर महाप्रबंधक श्री अशोक माहेश्वरी ने बीकानेर मंडल के श्री विजय कुमार को सर्वश्रेष्ठ मुख्य विधि सहायक के रूप में चयनित होने पर प्रशस्ति पत्र एवं 2000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया। 


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