ग्रामीण सेवा शिविर बना सौहार्द का माध्यम

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Published on : 24 Jun, 26 18:06

आपसी सहमति से हुआ खातेदारी भूमि का बंटवारा

ग्रामीण सेवा शिविर बना सौहार्द का माध्यम

     जैसलमेंर। राजस्थान सरकार की ओर से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर केवल जनसमस्याओं के समाधान का मंच ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और पारिवारिक सौहार्द को सुदृढ़ करने का भी माध्यम बन रहे हैं। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण ग्राम धऊवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान देखने को मिला, जहां वर्षों से लंबित खातेदरी भूमि बंटवारे के प्रकरण   का आपसी सहमति से शिविर के मौके पर ही शांतिपूर्ण समाधान हुआ।

      ग्राम धऊवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रार्थी जामाल खांन एवं उसके भाई कमाल खान ने अपनी लम्बे समय से लम्बित खातेदारी भूमि का समयपूर्वक बंटवारा नहीं होने से उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इन्होंने शिविर में उपस्थित होकर शिविर प्रभारी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याओं समाधान के लिए प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया।

      शिविर के मौके पर ही इस प्रकरण के सम्बन्ध में जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी एवं शिविर प्रभारी ने पिछले लम्बे समयान्तराल से विचाराधीन बंटवारे की समस्या को गंम्भीरता से लेते हुए उपस्थित राजस्व टीम को बंटवारे पर त्वरित आवश्यक जांच कर बंटवारा कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया।

       इस दौरान विधायक श्री भाटी एवं धऊवा सरपंच हुकम सिंह एवं राजस्व टीम द्वारा इन खातेदारे के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्परता से प्रार्थी जमालखान एवं कमाल को बंटवारा सुपुर्द किया गया। शिविर के मौके पर ही इन्हें बंटवारा प्राप्त होते ही इनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसलिए उन्होंने सरकार एवं प्रशासन का मुक्त कंठों से आभार व्यक्त किया।


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