जैसलमेर । राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने एवं आमजन को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उनके द्वार पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर-2026 की प्रगति की समीक्षा के लिए गुरुवार को जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी वीसी रूम में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 12 जून से जिलेभर में संचालित शिविरों के माध्यम से किए गए कार्यों, प्राप्त उपलब्धियों, जनसमस्याओं के समाधान एवं विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर जोरवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर केवल प्रशासनिक गतिविधि नहीं, बल्कि सुशासन, जनसुनवाई और त्वरित समस्या समाधान का सशक्त मंच हैं। इन शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार और आमजन के बीच की दूरी कम हुई है एवं लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी यह सुनिश्चित करे कि शिविर में आने वाला व्यक्ति संतुष्ट होकर लौटे। आमजन को यह अनुभव होना चाहिए कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील, जवाबदेह एवं प्रतिबद्ध है। शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि समस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
जनहित सर्वोपरि, संवेदनशीलता के साथ करें कार्य
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिविरों में प्राप्त होने वाले प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। विशेष रूप से पात्र व्यक्तियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का वास्तविक दायित्व लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है और सेवा शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिविरों के दौरान प्राप्त शिकायतों एवं मांगों का यथासंभव मौके पर ही समाधान किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
जिला कलक्टर जोरवाल ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करते हुए पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करें। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें लाभान्वित करने की प्रक्रिया भी सरल एवं सुगम बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से भूमि, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, विद्युत, सड़क, स्वच्छता, आवास, पट्टे, बंटवारा, रास्ता खुलवाना, अतिक्रमण हटाना, गैर खातेदारी से खातेदारी, भूमि विवाद, सार्वजनिक भूमि, मुख्यमंत्री पशु बीमा योजना, जन्म-मृत्यु पंजीयन, आधार, जनाधार, मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य जनसेवा संबंधी मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे आमजन को राहत मिल रही है।
शिविरों की सफलता का पैमाना है आमजन की संतुष्टि
जिला कलक्टर जोरवाल ने कहा कि सेवा शिविरों की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि आमजन की संतुष्टि एवं विश्वास से मापी जाएगी। इसलिए सभी अधिकारी सेवा भावना के साथ कार्य करें एवं यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर राहत और योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाने एवं समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने में इन शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े जिलेभर के अधिकारी
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर परसराम सैनी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह सांदू सहित जिले के समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। बैठक में शिविरों के प्रभावी संचालन, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं आगामी शिविरों को और अधिक परिणामोन्मुखी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।