नशे से लड़ाई में समाज बनें सहारा,अपराधी नहीं,रोगी समझें प्रभावित व्यक्ति

( 243 बार पढ़ी गयी)
Published on : 26 Jun, 26 14:06

नशे से लड़ाई में समाज बनें सहारा,अपराधी नहीं,रोगी समझें प्रभावित व्यक्ति


उदयपुर। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के अवसर पर उदयपुर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में जागरूकता और जनसहभागिता से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
अभियान के दौरान न केवल नशे के दुष्परिणामों से युवाओं को अवगत कराया गया, बल्कि समाज से यह अपील भी की गई कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को अपराधी नहीं, बल्कि एक रोगी के रूप में देखा जाए और उसे उपचार एवं परामर्श के माध्यम से नई जिंदगी देने का प्रयास किया जाए।
अभियान की शुरुआत आरोग्य सेवा संस्थान में आयोजित ‘नशा मुक्ति विचार गोष्ठी’ से हुई। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के हर्षित पंचोली, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। विशेष रूप से आमंत्रित हरे  कृष्णा मूवमेंट के प्रभुजनों ने संस्थान में उपचाराधीन मरीजों को संबोधित करते हुए कहा कि आध्यात्मिक जागृति, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण के माध्यम से नशे की लत पर स्थायी विजय प्राप्त की जा सकती है।
गोष्ठी के पश्चात एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के सहयोग से संस्थान में उपचाराधीन मरीजों द्वारा सवीना क्षेत्र में विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से आमजन को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
अभियान के अगले चरण में आरोग्य सेवा संस्थान की टीम ने शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों बडाला क्लासेस, उदयपुर नर्सिंग कॉलेज, मेवाड़ नर्सिंग कॉलेज, ग्लोबल नर्सिंग कॉलेज और संजीवनी नर्सिंग कॉलेजकृमें विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में सैकड़ों छात्र-छात्राओं को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी बाधित करता है। युवा पीढ़ी को इस खतरे से बचाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को तिरस्कार की नहीं, बल्कि सहानुभूति, सहयोग और उचित उपचार की जरूरत होती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें ‘नशा मुक्त मित्र’ बनकर अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।
अभियान के समापन अवसर पर आरोग्य सेवा संस्थान के अध्यक्ष नरपत सिंह चैहान ने सभी शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों और सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए युवाओं से इस जनआंदोलन का सक्रिय हिस्सा बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्थान के मैनेजर नारायण सिंह, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जोगेंद्र सिंह, सागर बिलोची, सुदर्शन सिंह, काउंसलर राकेश सिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं शिक्षण संस्थानों का स्टाफ उपस्थित रहा।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.