सनातन धर्म और गुरु परंपरा  की पोषक वेदपीठ पर सजा गुरु ग्रंथ साहिब का दीवान : श्रद्धा और उत्साह के साथ अखंड पाठ प्रारंभ

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Published on : 27 Jun, 26 08:06

सनातन धर्म और गुरु परंपरा  की पोषक वेदपीठ पर सजा गुरु ग्रंथ साहिब का दीवान : श्रद्धा और उत्साह के साथ अखंड पाठ प्रारंभ

निम्बाहेड़ा | सनातन धर्म और गुरु परंपरा  की पोषक एवं संवाहक बने मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ पर शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में गुरु गुरुग्रंथ साहिब का दीवान सजाकर अखंड पाठ का शुभारंभ किया गया। प्रारंभ में ज्ञानियों ने सुखमणि साहब का पाठ कर वाहेगुरु और ठाकुर श्री कल्लाजी से सर्वत्र खुशहाली, अच्छी वर्षा और कल्याण महाकुंभ की सफलता की कामना की गई। वेदपीठ की परंपरा अनुसार कल्याणनगरी के सिंधी एवं सिख समाज की ओर से 21वें कल्याण महाकुंभ के विभिन्न अनुष्ठानो की श्रंखला में तीन दिवसीय गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ किया जा रहा है। जो रविवार को प्रातः  श्री अखंड पाठ साहिब का भोग उपरांत गुरुबाणी  शबद, कीर्तन, सतसंग एवं अरदास के साथ कणहा प्रसाद  वितरण एवं अटूट लंगर बरतकर पाठ को पूर्ण किया जाएगा । वेदपीठ पर दीवान सजाने के साथ ही गुरुद्वारा चित्तौड़गढ़ के ज्ञानी श्री गुराविंदर सिंह जी, बूंदी से आये ज्ञानी जुबेर सिंह, गुरदीप सिंह,कमलजीत सिंह व राजवीर सिंह  के सानिध्य में गुरुबाणी के साथ शबद कीर्तन का लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।। ज्ञानियों ने वेदपीठ पहुंचकर ठाकुर श्री कल्लाजी एवं गुरुनानक देव को नमन करते हुए सर्वत्र खुशहाली की कामना के साथ कहा कि मेवाड़ में यहीं एक मात्र धाम है जहां ठाकुर जी के मंदिर में प्रतिवर्ष गुरुग्रंथ साहिब का पाठ पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। प्रारंभ में वेदपीठ के न्यासियों व पदाधिकारियों ने ज्ञानियों को तुलसी की माला एवं उपरना ओढ़ाकर स्वागत करते हुए सजे दीवान के समक्ष अरदास कर कल्याण महाकुंभ को भव्यता एवं सुखशांति के साथ सम्पन्न होने की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सिंधी एवं सिख समाज के साथ ही कल्याण भक्त उपस्थित रहे। 

 

 नगर के देवालयों में निमंत्रण आज

 

21 वें कल्याण महाकुंभ को सफलतम बनाने की भावना से वेदपीठ की ओर से कल्याण नगरी के समस्त छोटे-बड़े 135 मंदिरों एवं देवालयों में भाव भरा निमंत्रण शनिवार को दिया जाएगा जिसके तहत वीर वीरांगनाएं एवं कल्याण भक्त सभी मंदिरों में जाकर दीप प्रज्वलित करते हुए पीले चावल एवं पुष्प अर्पित कर कल्याण महाकुंभ को भव्यता प्रदान करने  की कामना के साथ भागीदारी निभाने का आग्रह कर समस्त पुजारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।


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