उदयपुर | विज्ञान समिति प्रबुद्ध चिंतन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित ‘‘सामान्य नागरिकों के लिए बिजली सुरक्षा’’ विषयक वार्ता में इंजी. वाय. के. बोल्या ने बताया कि नागरिकों को अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में ऐसी व्यवस्थाएँ रखनी चाहिए जिससे शॉर्ट सर्किट के कारण लगने वाली आग से सुरक्षा हो सके। राजस्थान में 50 वर्ष पूर्व लगभग 15 लाख उपभोक्ता और 50 हजार कर्मचारी थे आज यहाँ 1.5 करोड़ उपभोक्ता और लगभग 35 हजार कर्मचारी हैं। सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगवाने चाहिए तथा इसका विरोध नहीं किया जाना चाहिए।
इन्होने कर्मचारियों के कार्य तथा उनकी सुरक्षा के विस्तृत पहलुओं के बारे में भी जानकारी दी और नागरिकों के कर्तव्यों के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने सूचित किया कि 1 जुलाई से स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को बिजली सुरक्षा के विषय में जानकारी दी जाएगी। इस उद्देश्य से एक पुस्तक भी प्रकाशित की गई है जिसका वितरण सभी बच्चों को किया जाएगा।
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि आजकल बिजली शार्टसर्किट से आगजनी की बारदात बढ़ रही है जिसके परिणाम स्वरूप जान माल की व्यापक हानि उठानी पड़ रही है। सुरक्षा ही प्रमुख बचाव है । आज वार्ता के दौरान इंजी. बी.एल. खमेसरा ने उपस्थित लोगों के अनेक प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विज्ञान समिति के अध्यक्ष प्रो. महीप भटनागर ने की। प्रबुद्ध चिंतन प्रकोष्ठ के प्रभारी मुनीश गोयल ने प्रारम्भ में विषय की गंभीरता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता का परिचय डॉ. के.पी. तलेसरा ने कराया तथा धन्यवाद डॉ. आर.के. गर्ग ने दिया। कार्यक्रम में कुलप्रमुख डॉ. के.एल. कोठारी, इंजी. आर.के. खोखावत, इंजी. आर.के. नेभनानी, डॉ. बी.एल. चावत, डॉ. के.एल. तोतावत और शांतिलाल भंडारी सहित अन्य उपस्थित थे।