उदयपुर। अगर पढ़ाई को लेकर मन में जज्बा हो तो उम्र सिर्फ एक नम्बर कहलाती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया हैं सेवा मंदिर में कार्यरत गीता देवी प्रजापत ने। गीता देवी ने 36 साल बाद वापस कलम पकड़ी और शिक्षा के पायदान चढ़ते हुए 12 वीं बोर्ड ओपन परीक्षा देकर सफलता हासिल की।
गीता देवी ने बताया कि नवम्बर 2021 में पति अशोक प्रजापत के आकस्मिक देहावसान के बाद बच्चों और पौत्री पीहू को पढ़ाते पढ़ाते अचानक ख्याल आया कि क्यों न पढ़ाई पूरी की जाए। गीता देवी ने वर्ष 1990 में नवीं की परीक्षा दी थी। उसके बाद शादी हो गई। घर में पढ़ाई का माहौल भी नहीं था तो इस ओर कभी ध्यान ही नहीं गया।
बेटे शुभम, बेटी डॉ. खुशबू और बहू प्रिया तीनों की प्रेरणा से गीता देवी के मन में जागी ललक को पूरा करने के रास्ते पर चल पड़ी और 10वीं में 63 प्रतिशत कर 12वीं में 66 प्रतिशत अंक अर्जित किये। शुभम गुडली स्थित एक निजी फैक्ट्री में और बहू प्रिया पटवारी के पद और कार्यरत हैं वहीं बिटिया डॉ. खुशबू कोटा से एमबीबीएस कर रही हैं।