सिरोही। निकटवर्ती सिरोड़ी गाँव में रेखा बेन एवं जितेन्द्र कुमार संघवी के सुपुत्र मुमुक्षु हर्षित को आज शुभ मुर्हुत में आचार्य श्री रविरत्नसूरीजी, आचार्यश्री जयेशरत्नसूरीजी, आचार्यश्री जयेशरत्नसूरीजी एवं पन्यास प्रवर वैराग्यरत्नविजयजी महाराज की पावन निश्रा में दीक्षा ग्रहण करने के लिए रजोहरण ’’ ओगा ’’ प्रदान किया तो हर्षित तेजी से झुमने लगा ओर संयम जीवन मिलने पर नाचते हुऐ खुशी व्यक्त करने लगा। मंत्रोचारण एवं विधि विधान के साथ आचार्यश्री रविरत्नसूरीजी महाराज ने उसे दीक्षा प्रदान कर केश लोचन विधि करवाई।
हर्षित जब साधु का वेश धारण कर क्रिया मंडप में पहुंचे तो लोगो ने अक्षतो से उसका वधामणा कर उनको प्रथम वंदन किया। साधु वेश में अब वे मुनिराज बने ओर उनके नामकरण की घोषणा आचार्यश्री ने ’’ मुनिराज हीरगुणरत्नविजयजी ’’ के रूप में की तो पांडाल में करतल ध्वनि से उनका अभिनंदन किया। वे मुनिराज जिनवररत्नविजयजी महाराज के शिष्य बने। सिरोड़ी के वे 18 वें साधु बने और उनके अपने परिवार के 7 वें सदस्य हैं जिन्होंने संयम जीवन ग्रहण किया है। 11 बहिनों के इकलोते मुमुक्षु हर्षित आज जब साधु बनकर भक्तजनों के बीच आये तो उनके चेहरे पर ’’ तेज ’’ गजब का था। दीक्षा के अवसर पर आचार्य श्री लब्धिवल्लभसूरीजी म. सा ने पधारकर नूतन मुनिराज हीतगुणरत्नविजय को विशेष आर्शीवाद प्रदान करते हुऐ कहा कि अब तक सिरोड़ी गांव के 52 जनो ने संयम लेकर गांव ओर जैन शासन का जो गौरव बढाया है वो अद्वितीय एवं यादगार पुर्ण हैं।
शांतिलालजी पूनमचंदजी संघवी परिवार ने दीक्षा एवं जीवित महोत्सव पर बडी संख्या में साधु-साध्वी भगवंतो के पधारने पर हर्ष व्यक्त करते हुऐ गुरूदेव का गुरूपूजन कर एवं कामली अर्पण कर वंदन किया। दीक्षा विधि प्रारम्भ होने के पहले मुमुक्षु हर्षित को माता-पिता एवं परिजनों की ओर से विजय तिलक कर विदाई दी गई। हाथी, घोडा ओर बैण्ड बाजो के साथ हर्षित का भव्य वरघोडा निकाला गया जिससे सभी ने उसका वधामणा कर उन्हें भावभीनी शुभकामनाएं दी। प्रथम तिलक करने का लाभ श्रीमती वजुबाई चुन्नीलालजी परिवार सिरोड़ी वालो ने ओर नामकरण घोषित करने का लाभ संघवी शांतिलालजी पूनमचंदजी हीरा पन्ना परिवार सिरोड़ी ने लिया। इसी प्रकार नूतन मुनिराज के साधु जीवन में काम आने वाले विभिन्न उपकरणो एवं पात्रो को वोहराने का लाभ लेने के लिए होड सी लग गई ओर अनेक लोगो ने यह लाभ लिया।
दीक्षा के बाद आचार्य श्री रविरत्नसूरीजी अपने शिष्यो के साथ अहमदाबाद के लिए विहार किया। इस बार उनका चार्तुमास अहमदाबाद के न्यूवासणा क्षेत्र में हैं। इस शुभ अवसर पर श्रीमती तुलसी बेन गेनमलजी परिवार सिरोड़ी ने तलाजा तीर्थ से पालीताणा तीर्थ तक छःरि पालिक संघ निकालने की जय आचार्यश्री से आर्शीवाद लेने के बाद की।
दीक्षा कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने पर आयोजक शांतिलालजी पूनमचंदजी संघवी परिवार ने श्री संघ एवं समस्त ग्रामवासियो के प्रति आभार व्यक्त किया।