इंद्रिया ने सबसे चमकीले हीरों के साथ उद्योग में नए मानदंड पेश किये

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Published on : 29 Jun, 26 11:06

उदयपुर । आदित्य बिरला ज्वैलरी के ब्रांड इंद्रिया ने प्राकृतिक हीरों के चयन में एक उद्योग-प्रथम मानक स्थापित किया है, जिससे हीरा खरीदने के अनुभव में और ज़्यादा आनंद और भरोसा जुड़ गया है। इस भरोसे के साथ कि असाधारण चमक ही हीरे की गुणवत्ता की सबसे साफ दिखने वाली पहचान है, यह तरीका ब्रांड के सर्वश्रेष्ठ चयन मानकों पर आधारित है।
पारंपरिक ग्रेडिंग मानकों को छोडक़र, इंद्रिया हीरों को परखने और चुनने के लिए एक नया तरीका अपनाता है। वे मुख्य रूप से यह देखते हैं कि कोई हीरा रोशनी को कितनी अच्छी तरह समेटता है, फैलाता है और उसे वापस लौटाता है, ताकि उससे सबसे बेहतरीन चमक और झिलमिलाहट मिल सके। इस कड़े टेस्ट में हर 5 असली हीरों में से केवल 1 हीरा ही पास हो पाता है।
यह बदलाव श्रेणी के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। भारत वैश्विक हीरा उद्योग के केंद्र में है, जहाँ दुनिया के 90 प्रतिशत से अधिक हीरों को सूरत और मुंबई जैसे क्षेत्रों में तराशा और पॉलिश किया जाता है। हालांकि, इस गहरी विशेषज्ञता के बावजूद, भारत में हीरे के आभूषणों की खपत 15 प्रतिशत से भी कम है। हीरों के सही अनुपात और बेहतरीन रोशनी को वापस लौटाने की उनकी क्षमता को प्राथमिकता देकर, इंद्रिया न केवल देश के सबसे शानदार चमकने वाले हीरों को सामने ला रहा है, बल्कि इसका उद्देश्य भारतीय ग्राहकों के हीरा परखने और चुनने के पारंपरिक तरीके यानी 4ष्टह्य को भी बदलना है।
जहाँ हीरों की शुद्धता, रंग और वजन यानी कैरट प्रकृति की देन हैं, वहीं उसकी तराश यानी कट इंसानी कलाकारी और बारीकी का नतीजा है। यही तराश यह तय करती है कि रोशनी हीरे के अंदर कैसे जाएगी, कैसे टकराएगी और बाहर आएगी, जिससे हीरे को उसकी असली चमक मिलती है। एक अच्छी तरह तराशा गया हीरा रोशनी को ऊपर की तरफ वापस परावर्तित कर देता है, जिससे देखने वाले को ज़्यादा चमक दिखती है, जबकि खराब तराश की वजह से रोशनी हीरे के नीचे या किनारों से बाहर निकल जाती है और बर्बाद हो जाती है, जिससे उसकी चमक में साफ अंतर दिखने लगता है।
इंद्रिया में, हीरे की तराश को रोशनी के तीन आसान तरीकों से समझा जाता है, जो यह दिखाते हैं कि पहनने पर हीरा असल में कैसा दिखता है
ब्रिलिएंस (चमक) : हीरे के पहलुओं (तराशी हुई सतहों) से निकलने वाली सफेद रोशनी।
फायर (रंग-बिरंगी रोशनी) : रोशनी का अलग-अलग रंगों (इंद्रधनुष की तरह) में बिखेरना।
सिंटिलेशन (झिलमिलाहट): रोशनी या हीरे के हिलने-डुलने पर दिखने वाली जगमगाहट।
इन सभी पैमानों पर जो हीरे इंद्रिया के सख्त मानकों को पूरा करते हैं, केवल उन्हीं को चुना जाता है। इनमें सही अनुपात, बेहतरीन रोशनी को वापस लौटाने की क्षमता और बेहद कम लाइट लीकेज शामिल है। लगभग रंगहीन स्न–॥–त्र ग्रेड के हीरे और उच्च-शुद्धता वाली ऊपरी सतह इसकी चमक को और ज़्यादा बढ़ा देती हैं, जिससे पहनने पर हर पल असाधारण जगमगाहट बनी रहती है।
इस नए उद्योग मानक की पेशकश पर इंद्रिया के सीईओ संदीप कोहली ने कहा कि हीरा उद्योग बदल रहा है, और आज के समय में नए बदलाव बहुत ज़रूरी हैं। दशकों से हीरों की क्वॉलिटी को सिर्फ 4ष्टह्य के आधार पर परखा जाता रहा है, लेकिन असल में ग्राहकों को वही हीरा सबसे ज़्यादा पसंद आता है जो सबसे तेज़ चमकता है। चमक ही वह पहली चीज़ है जिसे लोग देखते हैं, यही वह खूबी है जो तुरंत ध्यान खींचती है और हीरे को सच में खास बनाती है। इंद्रिया में, हम चमक को केंद्र में ला रहे हैं। हम ग्राहकों को हीरा परखने का एक ऐसा तरीका दे रहे हैं जो साफ दिखता है, आसान है और ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, और इसके साथ ही एक नया उद्योग मानक भी स्थापित कर रहे हैं। इंद्रिया का हर एक हीरा अपनी बेहतरीन चमक के लिए चुना जाता है और यह हर तरह के अवसरों व श्रेणियों में उपलब्ध है। हमारा मकसद बेहतरीन चमक वाले हीरों को हर किसी तक पहुँचाना और इसके बारे में समझाना है, ताकि ग्राहक सबसे अच्छे और सबसे ज़्यादा चमकने वाले हीरे खोज सकें।
इंद्रिया के सप्लाई चेन हेड राजेंद्रन गणपति ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इंद्रिया में, हमने एक साधारण से भरोसे के साथ शुरुआत की थी, अगर चमक ही वह चीज़ है जिसे ग्राहक सबसे ज़्यादा पसंद करते हैं, तो हमारे हीरे चुनने का मुख्य पैमाना भी यही चमक होनी चाहिए। बाज़ार में मिलने वाले हीरों में से इंद्रिया बेहद सावधानी से 5 में से केवल 1 हीरा ही चुनता है, ताकि हमारे ग्राहकों को सबसे ज़्यादा चमकने वाले हीरे मिल सकें। इसका नतीजा यह है कि हमारे पास ऐसे हीरों का कलेक्शन है, जिन्हें उनकी बेहतरीन और टिकाऊ चमक के लिए चुना गया है, जो किसी को भी पल भर में अपना दीवाना बना सकती है।
इस लॉन्च को इंद्रिया के नए अभियान, स्पार्कल लाइक नो अदर के ज़रिए बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें ब्रांड का चेहरा बनीं अदिति राव हैदरी नजऱ आ रही हैं। यह अभियान हीरों की बेहतरीन चमक के आकर्षण को जीवंत करता है, जो हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचता है और यह जश्न मनाता है कि कौन सी खूबी इंद्रिया के हीरों को दूसरों से अलग और खास बनाती है।
स्पार्कल लाइक नो अदर अभियान के साथ, इंद्रिया एक आधुनिक आभूषण के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है। ब्रांड खूबसूरत रोज़मर्रा के आभूषणों से लेकर विशेष अवसरों, त्योहारों और शादियों के कलेक्शन तक, हीरे के आभूषणों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करता है। यह ब्रांड कारीगरी, नवाचार और उपभोक्ता शिक्षा का अनूठा मेल पेश करता है, साथ ही हीरा खरीदने के लिए अधिक पारदर्शी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।


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