30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह- 2026

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Published on : 29 Jun, 26 18:06

276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं का हुआ सम्मान

30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह- 2026

जयपुर। जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डाॅ. प्रेमचंद बैरवा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की उपस्थिति में आयोजित 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं को शिक्षा विभूषण, शिक्षा भूषण, प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया गया। इन भामाशाहों ने वित्त वर्ष 2025-26 में 318 करोड़ रुपए का सहयोग दिया है। इस मौके पर ‘भामाशाह प्रशस्ति’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। 

समारोह में राजकीय विद्यालय के नए भवन निर्माण, अतिरिक्त निर्माण कार्य, निर्मित भवनों के विकास, भूमि दान देने तथा अन्य भौतिक संसाधनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक एवं एनआरआई दानदाताओं को सम्मानित किया गया। 49 भामाशाह को शिक्षा विभूषण एवं 105 भामाशाहों को शिक्षा भूषण सम्मान से नवाजा गया। 99 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में 23 एनआरआई दानदाता भी शामिल हैं।

इस अवसर पर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डाॅ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि भामाशाह सम्मान केवल सम्मान का नहीं बल्कि आत्मा के उत्सव और संस्कृति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है, उसका समाज के लिए समर्पण। राजस्थान वीरों के साथ ही दानवीरों की धरती भी है। यहां तलवार के साथ ही त्याग भी देखने को मिलता है। सम्मानित सभी व्यक्ति भामाशाह की परम्परा के प्रतिनिधि है। धन कमाना योग्यता हो सकती है लेकिन धन का समाज के लिए उपयोग महानता का प्रतीक है। अब राजस्थान की पहचान केवल किलों और महलों तथा हवेलियों से नहीं, हमारे विद्यालयों से, हमारी शिक्षा एवं बालिकाओं की प्रगति से भी होगी। 

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि मेवाड़ की शौर्य गाथा महाराणा प्रताप और भामाशाह के बिना अधूरी है। उन्होंने भामाशाह पूनम चंद राठी का धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी सहायता से बीकानेर के जयमलसर में राजकीय बालिका सैन्य विद्यालय बन रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय अब अधिक तकनीकी रूप से समक्ष बन रहे हैं। अब श्यामपट्ट की जगह स्मार्ट बोर्ड आ गए हैं। भामाशाहों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए एक विशेष सेल गठित की जा रही है जो पारदर्शी तरीके से कार्य करेगी। विद्यालय की प्रबंधन समिति में भामाशाहों के दो प्रतिनिधि भी होंगे। उन्होंने भामाशाहों को विश्वास दिलाया कि उनके द्वारा प्रदान किए गए धन को पूरा सदुपयोग शिक्षा के विकास के लिए ही होगा। 

समारोह में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव,मिड डे मील आयुक्त विश्वमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक एवं समग्र शिक्षा राजस्थान आयुक्त डॉ.रश्मि शर्मा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट एवं निदेशक राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल राजस्थान महेंद्र खींची, सम्मानित भामाशाह, विशिष्ट भामाशाह, प्रेरक, समस्त विभागीय उपायुक्त एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।
 


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